बांदा। देहात कोतवाली क्षेत्र के महोखर गांव निवासी पुजारी धड़ाका महाराज उर्फ शत्रुघ्न तिवारी तकरीबन 13 साल से गांव के रामजानकी मंदिर के पुजारी थे। मंदिर के संचालन के लिए लोगों की कमेटी बनी है। बेटे का आचरण गलत होने के कारण अक्सर उससे अनबन होती थी। पुलिस इस बिंदु पर भी गहनता से छानबीन कर रही है। पुत्र से पुलिस ने काफी देर पूछताछ की।
महोखर गांव की प्रधान अर्चना सिंह के पति धीरेंद्र सिंह ने बताया कि रामजानकी मंदिर में तकरीबन 60 बीघा जमीन है। मंदिर में 15 साल पहले मुन्नी तिवारी (चित्रकूट) पुजारी थे। उनकी मौत के बाद दो साल मंदिर संचालन समिति ने संचालित किया। इसके बाद शत्रुघ्न तिवारी को मंदिर का पुजारी बनाया गया। मंदिर परिसर में ही पुजारी का आवास है। इसमें उनकी पत्नी मुक्ता तिवारी और पुत्र विपिन रहते थे।
प्रतिदिन पुजारी आरती करके निर्माणाधीन मकान में सोने चले जाते थे। पत्नी और पुत्र मंदिर वाले आवास में ही सोते थे। बताया कि पुजारी के नाम 17 बीघा जमीन है। इसमें से तकरीबन छह बीघा जमीन डेढ़ साल पहले 50 लाख की बेची थी। उसी से पुजारी ने बेटी आरती की शादी की थी और रामजानकी मंदिर से तकरीबन 200 मीटर की दूरी पर शिशु शिक्षा निकेतन स्कूल से सटी जमीन पर मकान का निर्माण करा रहे थे। बेटी आरती की शादी नरैनी कोतवाली क्षेत्र के मुतियारी गांव में अनूप पांडेय के साथ हुई है। आरती अपनी दूसरी होली मनाने मायके आई थी। प्रधान पति ने बताया कि पुजारी की किसी से कोई रंजिश नहीं थी।
देहात कोतवाली इंस्पेक्टर मिथलेश सिंह ने बताया कि हत्या की जांच की जा रही है। घटनास्थल पर बरामदे की दीवारों पर खून के छींटे मिले हैं। प्रथम दृष्टया सोते समय किसी धारदार नुकीली वस्तु से सिर के बायीं तरफ कई प्रहार किए गए हैं। इससे उनकी मौत हुई है। बताया कि पुजारी के परिवार में पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री हैं। पुत्र विपिन का आचरण सही नहीं है। वह स्मैक पीने का आदी है। इस बात को लेकर पिता से उसकी अनबन रहती थी। इस पहलू पर भी जांच की जा रही है।
अंदर से लगा था ताला
इंस्पेक्टर मिथलेश सिंह ने बताया कि निर्माणाधीन मकान का अंदर से ताला बंद था। बेटा विपिन मकान का गेट फांदकर अंदर गया था। उसने गेट खोला था। बताया कि आला कत्ल बरामद नहीं हो सका है। घटना के प्रत्येक पहलू की जांच की जा रही है।