बांदा। नवरात्र के अंतिम दिन देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की बेशुमार भीड़ उमड़ी। सिद्धिदात्री देवी के स्वरुप की पूजा अर्चना की गई। नौ दिन वृत रखने वालों ने व्रत पारायण किया। देवी मंदिरों में जवारें समर्पित किए। दुर्गा पंडालों में हवन पूजन हुआ। देवी प्रतिमाओं के दर्शन को पंडालों में देर रात तक श्रद्धालुओं की गहमागहमी रही। अष्टमी की रात देवी मंदिरों में सांगों का प्रदर्शन हुआ।
सोमवार को नवरात्र की अंतिम रात थी। देवी मंदिरों में तड़के से देर रात तक पूजा अर्चना की धूम और गूंज रही। देवी पुराण और सप्तशती पाठ का समापन हुआ। महेश्वरी देवी और काली देवी मंदिर में सबसे ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। इनमें बालिकाएं भी थीं। सिंहवाहिनी, मरही माता, कालका देवी, महामाई, चौसठ जोगिनी मंदिरों में कन्या भोज हुआ।
उधर, घरों में कलश स्थापना कर नौ दिन वृत रखने वालों ने पुरोहितों से पूजा अर्चन के साथ वृत पारायण किया। जवारा लेकर मंदिर जाने वाली महिलाओं की टोलियां देवी गीत गाती रहीं। कटरा स्थित सिंहवाहिनी मंदिर में ज्ञानेश जडिय़ा ने मंगला आरती में नगाड़ा बजाकर किया। सभासद नीरज त्रिपाठी, भानू सुल्लेरे, अशोक त्रिपाठी जीतू, अवधेश द्विवेदी, अशोक निगम, नीलू निगम, प्रदुम्न दुबे लालू आदि मौजूद रहे।
देर रात तक महेश्वरी देवी रोड, स्टेशन रोड, कालवनगंज, बलखंडी नाका, पद्माकर चौराहा, कोतवाली रोड, गूलरनाका, अमर टाकीज तिराहा, कालूकुआं, चिल्ला रोड, छोटी बाजार, अवस्थी भवन आदि में स्थापित किए गए दुर्गा प्रतिमा पंडालों में दर्शनार्थियों का हुजूम रहा। पुलिस जगह-जगह तैनात रही।
अतर्रा में बांदा रोड, बिसंडा रोड, स्टेशन रोड, लखन कालोनी, नरैनी रोड समेत ग्रामीण क्षेत्रों में सजाए गए देवी पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। बांदा रोड कन्या विद्यालय के पास जय मां विध्यवासिनी बार सेवा संघ कमेटी ने प्रसाद वितरण किया। कमेटी अध्यक्ष अर्पित पांडेय, सचिन गुप्ता, आदित्य गुप्ता, उज्जवल शिवहरे, अंशू शिवहरे, अंश कुमार, संरक्षक रामप्रकाश, पतंगी गुप्ता, रामबाबू, आलोक कुमार आदि ने व्यवस्था संभाली।
बबेरू। नवमी को मढ़ीदाई मंदिर में भारी भीड़ रही। देवी पंडालों में भव्य झांकी सजाई गई। अद्भुत शिवमंदिर, कमासिन रोड, पुरानी तहसील, बांदा रोड, अतर्रा रोड, तिंदवारी रोड, मर्का तिराहा, औगासी रोड रावण मैदान में देवी पंडालों में देर रात तक भीड़ रही। काजीटोला न्यू बाल दुर्गा समिति में कन्या भोज कराया गया। उधर, यमुना किनारे बाकल की जोगनी माता मेला में बांदा, फतेहपुर, कौशम्बी व चित्रकूट जिले के श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। मेला कमेटी अध्यक्ष शिवबोधन निषाद समेत पदाधिकारी मौजूद रहे। पुलिस क्षेत्राधिकारी कुलदीप सिंह और उनकी पत्नी ने स्टाफ के साथ हवन पूजन और कन्या भोज व भंडारा किया
तिंदवारी कस्बे में काली माता, संतोषी माता मंदिर में कन्या भोज कराए गए। बेंदा की कालका देवी मंदिर मेला में दिनभर भंडारे चलते रहे। सीमावर्ती फतेहपुर, कौशम्बी व कानपुर के श्रद्धालुओं ने माथा टेका। मन्नत पूरी होने वालों ने बच्चों के मुंडन संस्कार कराए। पूर्व प्रधान विवेक सिंह ने माइक पर संचालन किया। मुगुंस की सिंहवाहिनी और बरगहनी की कल्याणी माता मंदिर में हवन पूजन हुआ। अमलीकौर के सिद्धबाबा में अखंड रामायण पाठ समापन पर कन्या भोज हुआ। भाजपा नेता दलपत सिंह, विनय सिंह व ग्रामीण शामिल हुए।
बुंदेलखंड की प्रसिद्ध शक्तिपीठ सिद्धिदात्री विंध्यवासिनी मेला में नवमी को उत्तर प्रदेश समेत सीमावर्ती मध्य प्रदेश के गांवों से हजारों श्रद्धालु पैदल व पेट के बल रेंग कर देवी दरबार पहुुंचे। पहाड़ पर विराजमान देवी के दर्शन को दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। उधर, मेला में प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा दुकानदारों व दर्शनार्थियों को भुगतना पड़ा।
खत्रीपहाड़ पर देवी के दर्शन के लिए बुजुर्ग व बच्चे पहाड़ की 511 सीढिय़ां चढ़कर मंदिर पहुंचे और माथा टेका। पान, बतासा, नारियल और चुनरी चढ़ाई।
मेला मैदान में दिनभर भंडारा चलते रहे। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने कन्या भोज व भंडारा किया। तलहटी पर स्थित भव्य देवी मंदिर में देवी पुराण और दुर्गा सप्तशती पाठ चलते रहे। मेला में महिलाओं और बच्चों ने खरीददारी की। रात को रामलीला का मंचन हुआ। सूचना विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में जादू के माध्यम से सरकारी जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार प्रसाद किया गया। उधर, मेला में यातायात, सुरक्षा व्यवस्था चौपट रही। परिवहन निगम द्वारा मेला स्पेशल बस न चलाए जाने से श्रद्धालुओं को टेंपो पर लटक कर यात्रा करनी पड़ी। अस्थाई शौचालय न बनने से दुकानदारों व श्रद्धालुओं को खुले में शौच जाना पडा़। बिजली कटौती से भी दर्शनार्थी परेशान रहे। पानी का संकट रहा।
नवमी पर देवी मंदिर जवारे विसर्जन करने जातीं महिलाएं।- फोटो : BANDA
भूरागढ़ में सजी देवी प्रतिमा।- फोटो : BANDA