तिंदवारी/पैलानी (बांदा)। अफसरों ने दावे हजार किए थे लेकिन पहली बारिश ने ही गांवों में सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों को डुबा दिया। जगह-जगह कीचड़ से भरे रास्ते, बजबजाती नालियां और जलभराव की मुसीबतें ग्रामीणों के लिए मूसलाधार के कम नहीं रहीं। हालात प्रधानों और सचिवों की उदासीनता और लापरवाही को भी उजागर कर रहे हैं। वहीं शहर में भी देर शाम बारिश हुई। हालांकि उमस से राहत नहीं मिली।
तिंदवारी क्षेत्र में पहली बारिश ने गांवों की सूरत बिगाड़ दी है। करीब 15 घंटे तक रुक-रुककर हुई बारिश ने जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी वहीं गांवों की सड़कें और गलियां अब मुसीबत बन गई हैं। बारिश के बाद ज्यादातर गांवों में रास्ते चलने लायक नहीं बचे हैं। लोहारी, भुजरख, परसौंड़ा, छापर, मिरगहनी, गरौंती, बंबिया, बरेठी, बछेउरा सहित अन्य गांवों में जगह-जगह जलभराव है। नालियां चोक होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है।
परसौंड़ा के रामप्रकाश, अजय यादव, मुन्नीलाल, रामकेश, मिरगहनी के राजाभैया, दीनदयाल, देवीप्रसाद और बछेउरा के रामराज, बुद्धराज सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि पहली बारिश में ही गांव के रास्ते दलदल और गड्ढों में बदल गए हैं। इन रास्तों से गुजरना लोगों के लिए जोखिम भरा हो गया है।
तिंदवारी नगर पंचायत में भी हालात बेहतर नहीं हैं। कस्बे के शंकरनगर, कबीरनगर सहित अन्य मोहल्लों में जलभराव से लोग परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल सड़कों की मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। पहली बारिश में ही इसकी पोल खुल जाती है।
पैलानी तहसील क्षेत्र के गांवों में भी यही स्थिति है। बंबिया-तिंदवारी मार्ग पर करीब एक किलोमीटर तक जलभराव है। इससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। देशराज, मनमोहन, ललित, मनोज, जीतू सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि मार्ग पर घुटनों तक पानी भरा हुआ है। काफी दूरी तक कीचड़युक्त रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य मार्ग की यह स्थिति है तो गांवों के अंदर की सड़कों का अंदाजा लगाया जा सकता है। मार्ग के गड्ढों में पानी भर जाने से लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। कई बार सड़क दुरुस्त कराने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
तिंदवारी कस्बे के शंकर नगर मोहल्ले में जलभराव के बीच निकला बुजुर्ग। संवाद
तिंदवारी कस्बे के शंकर नगर मोहल्ले में जलभराव के बीच निकला बुजुर्ग। संवाद