बुंदेलखंड में पर्यटन की संभावनाएं एवं प्रयास पर
आयोजित गोष्ठी में इतिहासकारों व शोधकर्ताओं ने ऐतिहासिक स्थल और उनके
विकास पर चर्चा की। कालिंजर दुर्ग में विदेशी पर्यटकों की आमद बढ़ाने पर भी
विचार-विमर्श हुआ। इंटरनेट के जरिये प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया।
शुक्रवार
को स्टेशन रोड स्थित होटल अतिथि सभागार में इतिहासकार राधाकृष्ण बुंदेली
के स्मृति दिवस पर गोष्ठी हुई। बुंदेलखंड उप निदेशक अर्थ एवं संख्या एसएन
त्रिपाठी ने कहा कि बुंदेलखंड विश्वदर्शन में ख्यातिलब्ध करना है तो यहां
प्राचीन इमारतों, ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व को इंटरनेट से प्रसारित करना
होगा।
डा. अरुणेंद्र चौरसिया ने पर्यटकों को लुभाने के लिए प्रमुख
पर्यटन स्थलों का विकास जरूरी बताया। विदेशियों की सुरक्षा के इंतजामों पर
चर्चा की। डॉ. कमलेश थापक, डॉ. रामऔतार, डॉ. राममूर्ति, पूर्व प्रधानाचार्य
बाबूलाल गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष विनोद जैन ने भी गोष्ठी को संबोधित
किया।
इसके पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। ‘अरे-रे मेरी जान
है राधा’ गीत पर राधा-कृष्ण वेशभूषा में सजे मासूम बच्चों की अदाकारी पर
सभागार तालियों से गूंज गया।
इस अवसर पर जवाहरलाल जलज, उमाशंकर
पांडेय, आशीष कुमार, दीनदयाल सोनी, शिवप्रसाद भारती, जनार्दन त्रिपाठी,
नाथूराम लस्करी, बीडी गुप्ता, शोभाराम कश्यप मौजूद रहे।