गैर जमानती वारंट में वांछित शहर कोतवाली के एसएसआई को विशेष न्यायाधीश की अदालत में हिरासत में ले लिया गया। बाद में उन्हें निजी मुचलके पर रिहा किया गया।
वरिष्ठ उप निरीक्षक केवी सिंह के एक मुकदमे में अदालत में उपस्थित न होने पर उनके विरुद्ध विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र)नरेंद्र कुमार झा ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। शुक्रवार को 11 लाख की लूट में पकड़े गए छह आरोपियों को अदालत में पेश करने गई पुलिस टीम में एसएसआई केवी सिंह भी थे।
इस पर न्यायाधीश ने कोतवाली प्रभारी और कोर्ट मोहर्रिर को निर्देश दिया कि एसएसआई को हिरासत में लिया जाए, पर पुलिस अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया। इस बीच एसएसआई अदालत से निकल कर बाहर आ गए। खबर पाकर वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक दीक्षित और शंकर सिंह गौतम अदालत पहुंचे। न्यायाधीश से दरोगा की गलती माफ करने का अनुरोध किया।
साथ ही एसएसआई भी कोर्ट में उपस्थित हो गए। न्यायाधीश ने उन्हें हिरासत में लेकर निजी मुचलके पर रिहा करने और एक हफ्ते के अंदर पक्की जमानत कराने का आदेश दिया।
मामला अभी गर्म ही था कि इसी बीच जिला जजी में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इकराम पहुंच गया। उसने न्यायाधीश को बताया कि शहर कोतवाली पुलिस उसके पुत्र की शादी में मिली बाइक उठा ले गई है। साथ ही पुत्र को लूट के मामले में आरोपी बना चालान कर दिया।
इस पर कोतवाली प्रभारी रणवीर सिंह ने सफाई दी कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के आरोपी बेटे ने लूट में प्रयुक्त बाइक बेच दी है। तभी उसकी बाइक उठा लाए थे। इस पर न्यायाधीश ने कोतवाली प्रभारी को फटकार लगाई कि क्या इसी तरह कार्रवाई की जाएगी? क्यों न आपके खिलाफ डकैती की रिपोर्ट दर्ज करा दी जाए? न्यायाधीश ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बाइक एक घंटे में जजी कर्मी को सौंप दी जाए।