सैनिक कल्याण कार्यालय में रामबहादुर यादव को सूनी मिली अधिकारी की कुर्सी। साथ में एडीएम व सपा जिलाध्यक्ष।
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बांदा। प्रदेश सरकार द्वारा सैनिक कल्याण के लिए लागू योजनाओं की जानकारी मौजूदा व पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को देने की तमन्ना धरी रह गई। पूर्व सैनिक तो दरकिनार सैनिक कल्याण के अधिकारी और कर्मचारी ही नदारद रहे।
उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड उपाध्यक्ष रामबहादुर यादव को राज्यमंत्री का दर्जा भी हासिल है। उनके कार्यक्रम में दोपहर दो बजे सैनिक कल्याण विभाग में बैठक निर्धारित थी। प्रोटोकाल में भी बैठक दर्ज थी, लेकिन उपाध्यक्ष जब यहां जिला सैनिक कल्याण कार्यालय पहुंचे तो वहां सन्नाटा मिला। कोई पूर्व सैनिक या उनके परिवार नहीं थे।
न ही कोई बैठक का इंतजाम किया गया था। यहां तक कि कार्यालय में सैनिक कल्याण अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) सलिल टंडन की कुर्सी भी खाली थी। कार्यालय के पांच कर्मचारियों में तीन नदारद थे।
इस पर उपाध्यक्ष भड़क गए। उनके साथ मौजूद एडीएम गंगाराम गुप्ता ने खेद जताया। उपाध्यक्ष ने कहा कि वे इसकी शिकायत शासन में कर कार्रवाई कराएंगे। निरीक्षण के दौरान सपा नेता भी साथ थे। इस संबंध में यहां के कर्मचारियों ने बताया कि सैनिक कल्याण अधिकारी की मूल तैनाती फतेहपुर में है। बांदा के पास अतिरिक्त चार्ज है।