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बांदा के 179 घरों में डेंगू मच्छर, 48 को नोटिस

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डीएवी में डेंगू मच्छर के लार्वा खोजते मलेरिया विभाग के कीट संग्रहकर्ता। - फोटो : BANDA
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बांदा। शहर में डेंगू का खतरा मंडरा रहा है। जानलेवा इस रोग को फैलाने वाले एडीज मच्छर और इसके लार्वा शहर के 179 घरों में पाया गया है। खास बात यह है कि जिला अस्पताल पुरुष और महिला, नगर पालिका कार्यालय तथा डीएवी इंटर कालेज में भी एडीज मच्छर और उनके लार्वा पाए गए हैं। मुख्यालय के 48 गृह स्वामियों को नोटिस जारी की गई है।
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कुछ दिनों से डेंगू के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। मंडल मुख्यालय बांदा शहर में जगह-जगह जलभराव और गंदगी के साथ ही घरों में भी मच्छरों के लिए पर्याप्त अड्डे हैं। इसी बीच मलेरिया विभाग द्वारा शहर में घर-घर चलाए जा रहे सर्वे अभियान में कई मकानों और दफ्तरों में डेंगू का जनक एडीज मच्छर और उनके लार्वा पाए गए हैं। शहर में सर्वे कर रहे मलेरिया विभाग के कर्मचारी महेश गुप्ता (आईसी) और प्रमोद अवस्थी (सुपरवाइजर) तथा अजय पटेल (फील्ड वर्कर) घरों के कूलर, पेड़-पौधों के गमले, बर्तनों, टंकियों या टायर आदि में भरा पानी की जांच पड़ताल कर रहे हैं।
मलेरिया विभाग की टीम ने अब तक शहर के खुटला, छोटी बाजार, क्योटरा, चौसठ जोगिनी, मर्दन नाका, गूलरनाका, बिजली खेड़ा आदि इलाकों में करीब साढ़े 5 हजार मकानों में सर्वे किया है। इसमें 179 घरों में एडीज मच्छर या उनके लार्वा मिले हैं। घरों के अलावा जिला अस्पताल महिला व पुरुष के कूलर में भी एडीज के लार्वा पाए गए। सबसे ज्यादा लार्वा और एडीज मच्छर डीएवी इंटर कालेज में मिले। यहां पौधों के गमले में पाए गए। मलेरिया विभाग की टीम ने मच्छरों का नमूना लिया है। साथ ही नोटिस जारी किया है।
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खाईंपार में मच्छरों की फौज
बांदा। शहर के मोहल्लों में सबसे ज्यादा मच्छरों का अड्डा खाईंपार मोहल्ला है। यहां लगभग 50 मकानों में एडीज मच्छर और उनके लार्वा पाए गए हैं। मलेरिया विभाग की टीम ने इस मोहल्ले के छह सौ से ज्यादा मकानों का सर्वे किया है। यहां के गृह स्वामियों को नोटिस जारी किया है।
24 घंटे में सफाई नहीं की तो कार्रवाई
बांदा। जिन घरों या दफ्तरों में पानी भरे बर्तनों, कूलर, गमले या अन्य पात्रों में एडीज मच्छर के लार्वा पाए गए हैं और गृह स्वामी इन्हें नष्ट करने में आनाकानी कर रहे हैं, उन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से नोटिस जारी किया जा रहा है। नोटिस में शासन के गजट अधिसूचना का हवाला देकर कहा गया है कि मच्छर जनित स्थितियों को पैदा करने पर यह नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के अंदर मच्छर जनक स्थितियां खत्म करने को कहा गया है, वरना आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
डेंगू के लक्षण
तेज ठंड के साथ बुखार आना। बदन दर्द। सिर दर्द। आंखों के पिछले हिस्से में दर्द। शरीर में लाल या गुलाबी रंग के चकत्ते। कमजोरी। भूख न लगना। जी मिचलाना और गंभीर स्थिति हो जाने पर नाक, मुंह, गुदा, मूत्र आदि से खून आना। कभी-कभी रोगी का बेहोश हो जाना।
उपचार
डेंगू के लक्षण मिलने पर एस्प्रिन, डिस्प्रिन, आईब्रोफिन, डिक्लोफेनक, एसीक्लोफिन, निमोसिलाइड, काट्रीसोन, एस्ट्रायड आदि दवाएं हरगिज न लें। वरना रोगी की हालत बिगड़ सकती है। अलबत्ता डाक्टर की सलाह पर बुखार कम करने के लिए पैरासीटामॉल ले सकते हैं। बुखार 102 डिग्री से अधिक होने पर शरीर पर पानी की पट्टी रखें। रोगी आराम करे। सामान्य रूप से खाना जारी रखे।
एडीज मच्छरों से बचाव के उपाय
कूलर, बाल्टी, घड़े, ड्रम आदि बर्तनों के पानी को हर हफ्ते बदलें। कूलर का पानी निकालकर उसकी टंकी की दीवारों को अच्छी तरफ साफ कर 4-5 घंटे सूखने दें ताकि उसमें चिपके लार्वा मर जाएं। पानी के बर्तनों को अच्छी तरह ढक कर रखें। आसपास पानी न इकट्ठा होने दें। पूरी आस्तीन के कपड़े और जूता-मोजा पहनें। सोने में मच्छरदानी लगाएं या नीम की पत्ती का धुआं करें। बुखार होने पर नजदीक के सरकारी अस्पताल में दिखाएं।
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