डीजल-पेट्रोल व्यवसायी संतोष ढंढारिया के खाते से 15 लाख रुपये का गबन हो जाने पर सोमवार को उद्योग व्यापार मंडल और पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने इलाहाबाद बैंक के सामने धरना दिया। चेतावनी दी कि पैसा वापस नहीं मिला तो इलाहाबाद बैंक की हर शाखा के सामने धरना-प्रदर्शन होगा।
धरना-प्रदर्शन में उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष कुमार गुप्त, जिलाध्यक्ष मनोज जैन, नगर अध्यक्ष विष्णु प्रसाद गुप्त सहित अमित सेठ भोलू, राज कुमार शिवहरे, अवधेश रूपानी, कमलेश गुप्ता आदि शामिल हुए। पेट्रोलियम एसोसिएशन मंडल अध्यक्ष प्रद्युम्न दुबे लालू ने कहा कि सभी पेट्रोल व्यवसायी इलाहाबाद बैंक से अपने एकाउंट बंद कर देंगे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अखिलेश शुक्ल, भाजपा जिलाध्यक्ष बालमुकुंद शुक्ल सहित सपा नेता राज कुमार गुप्ता, कांग्रेस नेता एमयू दुर्रानी व राज बहादुर गुप्ता, सत्य प्रकाश, पन्नालाल धुरिया, अवधेश गुप्त, रत्नेश गुप्त, राधेलाल, भक्तिशरण त्रिपाठी, सत्येंद्र शुक्ला, प्रभाकर सिंह चंदेल, नईम नेता, लल्लू खां, पूर्व चेयरमैन संजय गुप्ता, प्रभा गुप्त, श्रद्धा निगम, योगेंद्र सिंह भदौरिया, अशोक त्रिपाठी जीतू आदि भी धरने में शामिल रहे।
15 लाख रुपये के घोटाले मामले में इलाहाबाद बैंक (गूलरनाका शाखा) के कैशियर वीरेंद्र कुमार को पुलिस चार दिनों से शहर कोतवाली लाकअप में बंद किए है। परिजनों को मिलना-जुलना तो दूर खाना-पानी भी देने पर पाबंदी लगी है।
कैशियर की पत्नी ज्योति (बिजलीखेड़ा) ने अपने परिवार के साथ सोमवार को डीआईजी से मिलकर लिखित शिकायत की।
बताया कि 15 लाख रुपया काउंटर में न जमा करके बैंक के अंदर एक महिला कर्मचारी को दिया गया। उसी ने मशीन से रुपया गिना था। यह पैसा कैशियर के पास पहुंचा ही नहीं। उसके पति को झूठे आरोप में फंसाने की कोशिश की जा रही है। ज्योति ने कहा कि उनका परिवार दलित, ईमानदार और गरीब है।
पति के वेतन पर ही खर्च चलता है। 20 मार्च की शाम 6 बजे से उसके पति को पुलिस लाकअप में बंद किए है। ज्योति ने मांग की कि बैंक के सीसी कैमरे के फुटेज निकालकर देखे जाएं। किसी निष्पक्ष एजेंसी से विवेचना कराई जाए। बिना मुकदमे और साक्ष्य के पति को छोड़ा जाए। डीआईजी ने क्षेत्राधिकारी को जांच और कार्रवाई के आदेश दिए हैं।