कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल कार्यकर्ता।
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बांदा। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर आंध्र प्रदेश और तेलांगना सरकारों पर हिंदू आस्थाओं को अपमानित करने और मुस्लिम व ईसाई तुष्टीकरण की नीतियां अपनाने का आरोप लगाया है।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के बाद डिप्टी कलेक्टर को दिए ज्ञापन में कहा कि कई वर्षों से इन दोनों राज्यों की सरकारें वोट बैंक बनाने को तुष्टीकरण कर रही हैं। ऐसी नीतियां लागू कर रही हैं जो संविधान विरोधी हैं। जिन्हें न्याय पालिका खारिज कर चुका है। धार्मिक आधार पर आरक्षण संविधान विरोधी सिद्ध होने के बाद भी यह सरकारें यह रास्ता निकालने का प्रयास कर रही हैं।
चर्च और मस्जिदों के निर्माण में सरकारी कोष से पैसा दिया जा रहा है। तेलांगना सरकार का प्रयास है कि जहां एक भी ईसाई परिवार रहता है वहां चर्च बनाया जाए। इससे सामाजिक असंतोष पनपेगा। कहा कि तिरुपति यात्रा का ईसाइयत के लिए प्रचार-प्रसार पीड़ादायी है।
येरूशलम के यात्रियों को सब्सिडी और अन्य सुविधाएं आंध्र प्रदेश सरकार की हिंदू विरोधी नीति का प्रतीक है। ज्ञापन में और भी कई उल्लेख किए। राष्ट्रपति से मांग की है कि दोनों राज्यों की सरकारों पर इन कार्रवाइयों पर लगाई जाए। ज्ञापन देने वालों में विहिप अध्यक्ष चंद्रमोहन बेदी सहित विभागाध्यक्ष अशोक ओमर, विश्राम कुमार धुरिया, मुन्नालाल गुप्ता, राजू चौरसिया, सत्येंद्र कुमार, रामहित गौड़, शांतनु चतुर्वेदी, वीरेंद्र धुरिया, सौरभ, विमल निगम, बजरंग दल जिला संयोजक विवेक सिंह कछवाह आदि शामिल रहे।