बांदा। लॉकडाउन और प्रवासी मजदूरों के हालात पिछले साल जैसे फिर हो गए हैं। महानगरों में लॉकडाउन के बढ़ते आसार पर बड़ी तादाद में पलायित मजदूरों की फिर वापसी शुरू हो गई है। अब डर यह है कि रोजाना विशेष ट्रेनों आदि से आ रहे ये प्रवासी कहीं कोरोना ‘कोरियर’ न बन जाएं। इन्हें लेकर स्वास्थ्य विभाग और शासन व प्रशासन भी भारी ढिलाई बरत रहा है। जांच के बगैर ज्यादातर प्रवासी अपने घरों को पहुंच रहे हैं।
कोरोना की दूसरी लहर ने महाराष्ट्र, दिल्ली और गुजरात सहित देश के कई महानगरों में फिर लॉकडाउन के हालात ला दिए हैं। पिछली बार बुरी तरह हलाकान हुए प्रवासी मजदूर अबकी अभी से अपने घरों को लौटने लगे हैं। गुरुवार को यहां महानगरों से तीन विशेष ट्रेनें पहुंचीं। इनमें एक ट्रेन दिल्ली व दो अहमदाबाद से आई थीं। इन विशेष ट्रेनों से आधा सैकड़ा प्रवासी मजदूरों की खेप बांदा प्लेटफार्म पर उतरी। इसके अलावा झांसी पैसेंजर से लगभग डेढ़ सौ मजदूर आए। ये अहमदाबाद व मुंबई से लौटे हैं। मुंबई से भी ट्रेनों का आगमन शुरू हो गया है। अधिकांश मजदूरों के चेहरों पर मास्क नहीं था। न ही सोशल डिस्टेंसिंग नजर आई। निर्देशों के बावजूद रेलवे स्टेशन में इन सभी की स्क्रीनिंग नहीं की गई। न ही जांच के लिए नमूना लिया गया। मजदूर परिवार अपने सामान सहित बसों व अन्य प्राइवेट वाहनों पर बैठकर बेरोकटोक पैतृक गांवों की ओर रवाना हो गए।
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इनसेट-
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बंद है थर्मल स्क्रीनिंग डेस्क
रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड में यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग व सैनीटाइजर के लिए खोले गए थर्मल स्क्रीनिंग डेस्क बंद पड़े हैं। कोरोना गाइड लाइन के प्रति यात्रियों को जागरूक करने के लिए एनाउंस (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) भी नहीं किया जा रहा है। प्रवासी व अन्य यात्री बेरोकटोक ट्रेनों से उतरकर बसों व टेंपो आदि में घर के लिए रवाना हो रहे हैं।
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इनसेट-
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फोटो-15बीएनडीपी-8 : रेखा व राजाभइया।
यात्रियों की जुबानी, लापरवाही की कहानी
सूरत से ट्रेन में लौटी खप्टिहा कलां की रेखा देवी ने बताया कि पूरी यात्रा में कहीं भी कोरोना की जांच नहीं हुई। मास्क आदि के लिए भी किसी नहीं टोका। बांदा रेलवे स्टेशन से वह बस अड्डे के लिए रवाना हो गई। बस से गांव जाएंगी। इसी तरह सूरत से यहां अहमदाबाद-बरौली एक्सप्रेस के जरिए बांदा आए पैलानी निवासी राजाभइया ने बताया कि वह मास्क तो लगाए रहे। लेकिन कहीं थर्मल स्क्रीनिंग आदि नहीं हुआ।
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वर्जन-
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अधिकारियों ने दी सफाई- कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई
प्रवासी मजदूरों की रेलवे स्टेशन में थर्मल स्क्रीनिंग या जांच आदि न होने के सवाल पर स्टेशन प्रबंधक एसके कुशवाहा का कहना था कि थर्मल स्क्रीनिंग डेस्क खुली है। कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगी है। प्रबंधक बोले कि- कर्मचारी कहीं चले गए होंगे। उधर, रोडवेज एआरएम परमानंद ने कहा कि बसों में आने-जाने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और उन्हें मास्क के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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वर्जन-
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एडीएम बोले- स्क्रीनिंग के दिए हैं निर्देश
एडीएम संतोष बहादुर सिंह का कहना है कि महाराष्ट्र, दिल्ली व गुजरात से आने वाले यात्रियों की स्टेशन व बस स्टैंड में थर्मल स्क्रीनिंग व हाथों की सफाई के लिए सैनिटाइजर करने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि कोरोना के लक्षण होने पर तत्काल कंट्रोल रूम को फोन पर सूचना दें। जांच कराई जाएगी।
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