कोहरा और कोल्ड के अटैक ने आम जिंदगी धराशाई कर दी है। कोहरे से विजिबिल्टी शहर में बमुश्किल 50 से 60 मीटर रही। गांवों में यह और भी कम थी। कुछ प्राइवेट स्कूल खुल रहे। इससे इनमें पढ़ने वालों बच्चों को खासी दिक्कतें हुईं।
मंगलवार को अधिकतम पारा तीन व न्यूनतम एक डिग्री और गिर गया। यहां भी पहाड़ों जैसा मौसम हो गया है। गलन में हवाएं गजब ढा रही हैं। विजिबिल्टी पूरे दिन घटती-बढ़ती रही। सुबह 10 बजे तक विजबिलटी 30-40 मीटर
रही। 2 बजे तक 50-60 रही। सूरज ढलते ही कोहरा बढ़ गया और विजिबिल्टी घट
गई।
हालांकि छुट्टी का दिन होने से मंगलवार को सरकारी और ज्यादातर गैरसरकारी स्कूली बच्चों और नौकरी पेशा लोगों को राहत रही। वे दिन भर में रहे। कुछ प्राइवेट स्कूलों ने मुख्यमंत्री के आदेशों को भी ठेंगा दिखाते हुए स्कूल खोले रखा। कोहरे में कंपकपाते हुए मासूमों का स्कूली की राह तय करनी पड़ी।
उधर जबलपुर जाने वाली महाकौशल एक्सप्रेस 16 घंटे, निजामुद्दीन-मानिकपुर संपर्क क्रांति 11 घंटा 30 मिनट, मानिकपुर-निजामुद्दीन संपर्क क्रांति 4 घंटे विलंब से आई। वाराणसी-ग्वालियर बुंदेलखंड एक्सप्रेस 9 घंटा 45 मिनट, हावड़ा जाने वाली चंबल 4 घंटा 30 मिनट, जबलपुर जाने वाली चित्रकूट एक्सप्रेस 7 घंटा 55 मिनट लेट रही।
इसी प्रकार कानपुर-मानिकपुर पैसेंजर 4 घंटा 15 मिनट, झांसी-इलाहाबाद पैसेंजर 3 घंटा 20 मिनट और इलाहाबाद-झांसी पैसेंजर ट्रेन 4 घंटा देरी से रवाना हुई।
उधर केंद्रीय जल आयोग में मौसम सुपरवाइजर सुरेश कुमार ने बताया कि मौसम में आर्दता अधिकतम 90 और न्यूनतम 60 चल रही है। 5.7 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से शीत लहर चली। उन्होंने बताया कि अगले दो-तीन दिनों तक तापमान में और गिरावट की संभावना है।