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कर्जदार, बीमार युवकों ने फांसी लगाकर जान दी

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मवई गांव में शोकग्रस्त मां व बहनें। - फोटो : BANDA
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बांदा। अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों ने शनिवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पहली घटना में प्राइवेट कर्ज की अदायगी के तनाव में युवक फांसी के फंदे में झूल गया। परिजनों का आरोप है कि कर्ज देने वाले दबंग उसे धमका रहे थे। दूसरी घटना में बीमारी से आजिज युवक ने घर के नजदीक साड़ी से फांसी लगाकर जान गंवा दी।
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कोतवाली देहात क्षेत्र के पचनेही गांव निवासी विद्यासागर उर्फ लालू तिवारी का बेटा मोहित तिवारी (22) ने शनिवार को सुबह घर में कमरा बंद कर साफी से फांसी लगाकर ली। परिजनों ने उसे फंदे से उतारा और जिला अस्पताल लाए। यहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया गया है। पिता ने बताया कि बेटा अविवाहित और ट्रक ड्राइवर था। लॉकडाउन के बाद से वह घर में ही था।
उसने आत्महत्या की वजह दो लाख रुपये कर्ज बताया है। आरोप लगाया कि गांव के कुछ दबंगों ने उसे 5 से 10 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज दिया था। 15 दिन से लगातार अदायगी का दबाव बना रहे थे। दो दिन पूर्व धमकी दी कि तीन दिन में कर्ज नहीं लौटाया तो गोली मार देंगे। इसी तनाव में मोहित ने फांसी लगा ली।
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पुलिस में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराएगा। बताया कि दबंगों ने गांव के कई युवकों को कर्ज के जाल में फंसा रखा है। उनसे मनमानी ब्याज वसूल रहे हैं। उधर, दूसरी घटना कोतवाली नगर क्षेत्र के मवई बुजुर्ग गांव की है। यहां के रामदास का बेटा मनीष वर्मा (21) ने शनिवार को सुबह घर के नजदीक बबूल के पेड़ में मां की साड़ी से फांसी लगाकर जान दे दी। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने शव को उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के चाचा रामनरेश ने बताया कि मनीष छह माह से बीमार था। उसका इलाज चल रहा था। बीमारी से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली। वह अविवाहित और तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था।
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