बांदा। हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 70 साल के कैदी की इलाज के दौरान रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। वह बीमार चल रहे थे।
बिसंडा थाना क्षेत्र के बिसंडी गांव निवासी चंद्र कुंवर (70) हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। मृतक कैदी के चचेरे नाती लालू सिंह ने बताया कि तकरीबन 20 वर्ष पहले पड़ाेसी रामहित की हत्या में चंद्रकुंवर नामजद हुए थे। न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। घर में पत्नी सुलोचना हैं। उनके बड़े पुत्र अशोक सिंह की डेढ़ साल पहले मौत हो चुकी है। एक पुत्र सुनील सिंह अहमदाबाद में रहकर मजदूरी करता है। उनकी चार बीघा जमीन भी है।
जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि चंद्र कुंवर छह माह से बीमार चल रहे थे। उसका जेल अस्पताल में भी इलाज कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर दो दिन पहले जिला अस्पताल व रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में दिखाया गया। वहां उसकी मौत हुई है। जेल प्रशासन ने दो डॉक्टरों के पैनल व वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया है। परिजन भी किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं।