अतर्रा। बर्फीली हवाओं के चलते ठंड बढ़ने से दो
खेतिहर मजदूरों की मौत हो गई। अब जनपद में ठंड से मृतकों की संख्या बढ़कर 9
पहुंच गई है। भीषण ठंड के बावजूद प्रशासन ने अभी तक ठंड से बचाव के लिए
कोई व्यवस्था नहीं की है।
दिसंबर के दूसरे पखवारे में लगातार पारा
लुढ़कता चला गया। पिछले कई दिनों से तापमान में आई भारी गिरावट और बर्फीली
हवाओं से हाड़कपाऊ ठंड के चलते ठंड जानलेवा बन गई।
सबसे बड़ी
मुश्किल खेतों में काम करने किसानों और मजदूरों की है। मंगलवार की रात खेत
की रखवाली कर रहे दो खेतिहर मजदूरों की ठंड से मौत हो गई।
एसडीएम
को सूचना देने के बाद बिना पोस्टमार्टम के उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अतर्रा ग्रामीण के मजरा बरुवा चौकी निवासी मुनीर अली (60) पुत्र सुबराती व
सुल्तान अली (40) पुत्र शाबिर अली बटाई को खेत लेकर किसानी करते थे।
अन्ना
मवेशियों से फसल बचाने को मंगलवार की रात वह खेत पर रखवाली कर रहे थे।
कड़ाके की ठंड में रात में दोनों को सीने में दर्द हुआ। परिजनों ने आग
जलाकर ठंड दूर करने की कोशिश की।
बुधवार को सुबह दोनों की मौत हो
गई। सुल्तान अली अविवाहित था और तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। मुनीर के तीन
पुत्र हैं। जमीन न होने से बटाई पर खेत लेकर बसर करते हैं। पिता रात को
खेत की रखवाली करने जाता था।
एसडीएम महेंद्र सिंह ने बताया कि जांच
के बाद नियम के मुताबिक आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी। परिजनों ने दोनों
का अंतिम संस्कार कर दिया।
गौरतलब है कि मंगलवार को सुबह हड़हा
गांव के रामकिशोर त्रिवेदी और बबेरू क्षेत्र के परसौली गांव निवासी किसान
धनराज व दतौरा गांव निवासी रामराज की ठंड से मौत हो गई थी।
24 घंटे के अंदर ठंड ने दो और किसानों की जान ले ली। अब ठंड से मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।