गंगऊ बांध की क्रस्टवाल से उफनाकर केन नदी में गिर रहे पानी का यह नजारा चार दिन पूर्व का है।
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बारिश थमने के बाद बांधों के जलस्तर में भी तेजी से गिरावट आने लगी है। गंगऊ बांध मेें तीन दिनों के अंदर तीन फिट पानी नीचे चला गया। सिंचाई विभाग ने बांधों में उपलब्ध पानी से केन नहर चालू कर दी है। यह 14 नवंबर तक चलेगी। 31 अक्तूबर तक खरीफ के लिए और पहली नवंबर से रबी की सिंचाई के लिए नहर चलाई जा रही है।
गंगऊ बांध का जलस्तर तीन दिन पूर्व 733 फिट से भी ज्यादा था। नतीजे में इसकी क्रस्टवाल के ऊपर से पानी बहकर केन नदी में गिर रहा था। पानी बरियारपुर बांध को क्रस्टवाल तक भरे था लेकिन अब गंगऊ और बारियारपुर दोनों ही बांध का जल स्तर क्रस्टवाल से नीचे चला गया है।
गंगऊ का जल स्तर 731.8 फिट और बरियारपुर का जल स्तर 606.1 फिट पर आ गया है। केन नहर प्रखंड अधिशासी अभियंता ने बताया कि मुख्य केन नहर चालू कर दी गई है। बरियारपुर बांध से नहर का फाटक छह फिट खोलकर 1650 क्यूसिक पानी नहर को दिया जा रहा है। बांदा ब्रांच में 621 क्यूसिक और अतर्रा ब्रांच में 544 क्यूसिक पानी दिया जा रहा है।
31 अक्तूबर तक खरीफ के लिए नहर चलाई जा रही है। इसके बाद पहली नवंबर से 14 तक रबी के लिए पानी छोड़ा जाएगा। अधिशासी अभियंता ने बताया कि 10 जनवरी से 25 जनवरी तक फसलों के लिए नहर तभी चलेगी जब बांध में पानी उपलब्ध होगा। किसानों से नहर का पानी बर्बाद न करने और नहरों में कटान न करने को कहा गया है।