विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चेक बाउंस होने पर दो आरोपियों को छह माह की कैद व एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। दोनों आरोपी 50-50 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को अदा करेंगे। शहर कोतवाली क्षेत्र के गुसांईगंज मोहल्ला निवासी राधा ट्रेडर्स के पार्टनर पुरुषोत्तम कुमार पुरवार पुत्र सुदामा लाल पुरवार ने 25 जुलाई 1994 में परिवाद दायर किया था। इसमें कहा कि कर्वी (चित्रकूट) बस स्टैंड के पास रहने वाले ओंकार प्रसाद व कौशलेंद्र कुमार ने उनकी माता रामजानकी व मामा विजय कुमार पुरवा बांदा में राधा ट्रेडर्स के नाम से जूता कंपनी के डीलर हैं।
कौशलेंद्र व ओंकार को कर्वी मेें सब डीलर बनाया था। यह अक्सर उधार माल लेकर बाद में अदायगी करते थे। 18 नवंबर 1993 को उन्होंने राधा ट्रेडर्स के नाम से चेक जमा किया। एसबीआई सिटी ब्रांच (बांदा) में चेक लगाने पर बताया गया कि उक्त खाते में मात्र 425 रुपये हैं। इसका संचालन भी बंद है। सीजेएम कोर्ट में 7 सितंबर 1994 को प्रथम दृष्टया अपराध सही पाया गया।
इसके खिलाफ आरोपियों ने उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश ले लिया। 10 अक्तूबर 1995 को कोर्ट ने यह आदेश निरस्त कर दिया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामकिशोर त्रिपाठी की अदालत में सुनवाई के बाद बुधवार को दिए गए फैसले में ओंकार व कौशलेंद्र को धारा 138 एनआई एक्ट में 50-50 हजार रुपये जुर्माना व छह माह की कैद की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।