ठंड और भूख से अन्ना गायों की मौत की प्रमुखता से छपी खबर के बाद नींद से जागे प्रशासन ने एक तरफ जहां घटनास्थल पर बीमार गायों की सुध ली तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री और सरकार की कार्रवाई से बचने के लिए लीपापोती भी शुरू कर दी। ग्राम प्रधान सहित कुछ ग्रामीणों से लिखाए पत्र में दो गायों की मौत बताई है, जबकि मौत सात गायों की हुई है। उधर, गायों का इलाज कर रहे पशु चिकित्साधिकारी ने गायों की मौत की वजह ठंड, अल्सर, खुरपका आदि बताया है।
शहर से मात्र सात किमी दूर बड़ोखर ब्लाक के गुरेह गांव में लछइया तालाब के पास अन्ना पशुओं का अड्डा है। चारों तरफ से झाड़ और कंटीले पेड़ की घेराबंदी है। एक ओर से रास्ता है। चारे-भूसे का कोई इंतजाम नहीं है। कई दिनों से पड़ रही ठंड में भूख-प्यास से जर्जर सात गायों और बछड़ों की मौत हो गई। यह खबर सोमवार को ‘अमर उजाला’ में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद राजस्व और पशुपालन विभाग की नींद टूटी।
सुबह से ही सदर तहसील के नायब तहसीलदार राजकुमार भदौरिया, कानूनगो मधुराज प्रजापति, लेखपाल अलखराम अवस्थी, कमलेश द्विवेदी और सचिव कमलेश प्रजापति मौके पर पहुंचे। उधर, मंडी समिति स्थित पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजनारायण नामदेव के नेतृत्व में टीम भी पहुंच गई। टीम ने बीमार गायों का इलाज किया। 12 बछड़ों का बधियाकरण कर उनके कानों पर टैग लगाए। पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि गायों की मौत की वजह ठंड, अल्सर, खुरपका आदि है। बीमार गायों का इलाज किया गया है। उधर, जिस समय पशु चिकित्सा विभाग की टीम गायों का इलाज कर रही थी, उसी दौरान टीम के सामने ही गायों के कंकालों को कुत्ते नोंच रहे थे।
कार्रवाई से बचने को मनमाफिक लिखाई तहरीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 10 जनवरी तक अन्ना गायों को गोशालाओं में पहुंचाकर उनकी व्यवस्थाओं के दिए सख्त निर्देश के चलते गायों की मौत पर अफसरों ने बचाव की कवायदें कीं। गुरेह गांव पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद सड़क किनारे स्थित दुकान में बैठकर कागजी औपचारिकताएं पूरी कीं। राजस्व कर्मियों ने ग्रामीणों की ओर से एक तहरीर ली, जिसमें कहा गया है कि लछइया तालाब किनारे पशु इकट्ठा होकर पेड़ों के नीचे बैठते हैं। अन्ना जानवर पूरे इलाके में चरते हैं। तालाब का पानी पीते हैं। ग्रामीणों ने लिखा कि यहां कोई पशु आश्रय केंद्र नहीं बनाया गया है। न ही तार बाउंड्री है। दो जानवर मरे हैं। इसमें ग्राम प्रधान कांती, ग्रामीण विजयकरन सिंह, रामराज मिश्र, हरभान सिंह, रणछोड़दास, लालू यादव, पुन्नू और अमरजीत आदि के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान हैं।
एसडीएम और तहसीलदार ने दी सफाई
बांदा। गुरेह गांव में गायों की मौत पर एसडीएम सदर थमीम अंसरिया और तहसीलदार अवधेश निगम ने बताया कि नायब तहसीलदार व लेखपाल आदि की राजस्व टीम ने मौके पर जाकर मुआयना किया है। दो गायों के शव मिले हैं। वहां कोई गोशाला नहीं है।