बांदा। लॉकडाउन के पालन में सीएम की सराहना पा चुका प्रशासन अब बेपरवाह होने लगा है। तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में कुछ शर्तों के साथ लॉकडाउन किया गया। जिले में तीन पॉजिटिव केस हैं। इसके बावजूद बुधवार को इसका पालन होता नजर नहीं आया। सब्जी, किराना सहित आवश्यक वस्तुओं आदि की दुकानों पर भीड़ रही। सड़कों पर वाहन फर्राटा भरते रहे। हालांकि पुलिस लॉकडाउन का पालन कराने के लिए दौड़ती रही।
लॉकडाउन का 29वां दिन था। शहर में काफी हद तक ढील रहने से रौनक रही। निर्धारित समय के बाद भी बेधड़क आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रहीं और उनमें लोगों का जमघट रहा। खासकर फुटपाथी सब्जी दुकानों पर ज्यादा भीड़ नजर आई। अधिकांश दुकानों पर खरीददार एक-दूसरे सटकर खड़े रहे। आपसी दूरी का मानक धड़ाम रहा। तमाम लोग बिना मॉस्क के नजर आए। दिनभर दुपहिया और चार पहिया वाहन बेरोकटोक सड़कों पर चलते रहे। हालांकि पुलिस दुकानदारों को भीड़ न लगाने के लिए चेताती और फटकारती रही।
उधर, सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में तीन पॉजिटिव केस हैं। लॉकडाउन पहले की तरह लागू रहेगा। इसका पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। पूर्व निर्धारित सुबह 6 से 8 बजे तक ही आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुलेंगी। दूध, फल-सब्जी आदि डोर-टू-डोर सब्जी बेचने के लिए 300 हाथ ठिलिया वालों को पास जारी किए गए हैं।
नहीं खुलेंगी रिचार्ज दुकानें : एडीएम
बांदा। एडीएम संतोष बहादुर सिंह ने बताया कि जिले में आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खोलने का समय निर्धारित है। इसके बाद दुकानें खुल रही हैं तो गलत है। सख्ती से लॉकडाउन का पालन कराया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मोबाइल रिचार्ज की दुकानें खोले जाने और कुटीर उद्योग शुरू करने आदि के बारे में शासन से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। लॉकडाउन अवधि में इन्हें खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।