नरैनी। सूखे से बची-खुची फसल अन्ना मवेशियों के सफाचट
कर जाने का सदमा बर्दाश्त न कर सके किसान की हार्टअटैक से मौत हो गई। पैसे
के अभाव में फौरी तौर पर इलाज भी नहीं हो सका।
तहसील क्षेत्र के
मोतियारी गांव में किसान राम प्रसाद यादव (55) के पास खुद की डेढ़ बीघा और
बटाई की पांच बीघा जमीन थी। सूखे के चलते फसल काफी कम थी। उसे भी रात में
अन्ना मवेशी सफाचट कर गए।
बुधवार की सुबह खेत की हालत देखकर उसे
सदमा लगा और हार्ट अटैक से बेहोश हो गया। साथ में मौजूद किसान राजकुमार नाई
ने घर वालों को खबर दी।
परिजन उसे जिला मुख्यालय में एक निजी
अस्पताल लाए। लेकिन पैसे की कमी से से भरपूर इलाज नहीं हो सका। परिजन उसे
घर ले गए। रात में उसने दम तोड़ दिया।
पुत्र हरिश्चंद्र ने बताया
कि बारिश न होने से धान की फसल पीली पड़ गई थी। इससे उसका पिता चिंतित रहता
था। जैसे-तैसे एक बार निजी नलकूप से सिंचाई की।
लेकिन पकने के समय
फसल को पानी नहीं मिल पाया और सूख गई। बेटे ने बताया कि मंगलवार की रात दो
बीघे धान की फसल अन्ना गायों ने सफाचट कर दिया। तहसीलदार गिरिवर सिंह ने
परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।