आग की अलग-अलग घटनाओं में नौ मकानों में रखा अनाज और गृहस्थी का सामान राख हो गया। एक लकड़ी का कारखाना भी जल गया। उधर महोबा के अठघरा गांव में आग से मची तबाही के बाद पीड़ित परिवार स्कूल में डेरा डाले हैं।
देहात कोतवाली क्षेत्र के जौरही गांव में बुधवार की रात मुन्नीलाल पुत्र महादेव विश्वकर्मा के लकड़ी कारखाने में आग लग गई। बगल में उसका मकान भी आग की चपेट में आ गया। फायर बिग्रेड के पहुंचने तक सब कुछ जलकर राख हो गया।
उधर, खप्टिहा कलां प्रतिनिधि के मुताबिक खरेई (पैलानी) गांव में बृहस्पतिवार को दोपहर चुनुबाद प्रजापति के मकान में आग लग गई। घटना के समय वह परिवार सहित निमंत्रण पर बाहर गया था। आग की चपेट में पड़ोसी बरदानी प्रजापति, रामसेवक व विश्राम के मकान भी आ गए।
गृहस्थी का सामान व अनाज जलकर राख हो गया। चौकी प्रभारी योगेंद्र पटेल व पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों ने आग बुझाकर आसपास के मकान बचा लिए। उधर, कोर्रही प्रतिनिधि के मुताबिक तीन सगे भाई कल्लू, मकसूद व महबूब के घरों में बृहस्पतिवार को दोपहर लगी आग से गृहस्थी का सामान व अनाज राख हो गया।
गृहस्वामियों ने बिजली शार्ट सर्किट से आग लगना बताया है। ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई जा सकी। वहीं जनपद सीमा पर स्थित गांव अठघार (महोबा) में बुधवार को दोपहर कूड़े के ढेर से उठी चिंगारी से खलिहान में आग लग गई थी। हवा के झोंकों से पास के मकान भी चपेट में आ गए थे।
मूरत सिंह, लाखन सिंह, कमतइया, छोटेलाल, पंचा, जागेश्वर, राजा, शिवकुमारी, सुनीता, कामता, चुनुबाद, हरीशंकर, शिवशंकर, हरीराम, शिवलाल, प्रहलाद, सुनिया, हरिश्चंद्र आदि के मकान और उनमें रखा गृहस्थी का सामान, अनाज और नकदी आदि राख हो गई।
मौदहा, चरखारी और बांदा से आई फायर ब्रिगेड आधी रात तक आग बुझाने में जुटी रही। डीएम महोबा वीरेश्वर सिंह भी देर शाम घटनास्थल पर पहुंचे। डीएम ने पीड़ितों को मदद का भरोसा दिया है। फिलहाल बेघर हो चुके परिवारों को प्राइमरी स्कूल में ठहरने की व्यवस्था की गई।