फोटो- 03 रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर यूनिट। संवाद
फोटो- 04 जिला अस्पताल में स्थापित इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब। संवाद
-रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में 30 करोड़ 31 लाख की लागत से बन रही यूनिट
-जिला अस्पताल में नए साल से 117 प्रकार की जांचों काे एक ही छत से देने का सपना होगा पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। वर्ष 2026 चित्रकूटधाम मंडल के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होने की उम्मीद है। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में 30 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर यूनिट का कार्य मार्च 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के पूरा होने से बांदा सहित मंडल के चारों जिलों के गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इलाज के लिए कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज और झांसी जैसे बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इससे न केवल मरीजों और उनके परिजनों का बहुमूल्य समय बचेगा, बल्कि महंगे इलाज के बोझ से भी काफी हद तक राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त, नए साल से जिला अस्पताल में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) का संचालन भी शुरू होने की उम्मीद है, जिससे 117 प्रकार की जांचें एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
क्रिटिकल केयर यूनिट: गंभीर मरीजों के लिए जीवन रेखा
रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में जुलाई 2023 में क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ था। वर्तमान में, इसका निर्माण कार्य राजकीय निर्माण निगम द्वारा एनएचएम के तहत किया जा रहा है और इसके मार्च 2026 तक पूर्ण होने का अनुमान है। यह अत्याधुनिक यूनिट 30 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत से तैयार की जा रही है। इसमें नेफ्रोलॉजी (किडनी रोग), गेस्ट्रोलॉजी (गैस संबंधी रोग), गायनी (स्त्री एवं प्रसूति रोग), न्यूरो सर्जरी (मस्तिष्क संबंधी रोग) और कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) जैसे विभिन्न विशेषज्ञताओं से संबंधित गंभीर मरीजों का इलाज किया जाएगा। यूनिट में कुल 50 सामान्य बेड, 20 आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) बेड और 30 एचडीयू (उच्च निर्भरता इकाई) बेड की व्यवस्था होगी। साथ ही, मरीजों को ट्रामा सेंटर की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इस यूनिट के चालू होने से चित्रकूटधाम मंडल के दूरदराज के क्षेत्रों के मरीजों को तत्काल और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा अपने जिले में ही मिल सकेगी, जो अब तक बड़े शहरों पर निर्भर थे।
इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में जांच सुविधाओं का विस्तार
नए साल से जिला अस्पताल में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) का संचालन शुरू होने की भी प्रबल संभावना है। यह लैब वर्ष 2023 से बनकर तैयार है, लेकिन अभी तक संचालित नहीं हो पाई है। उम्मीद है कि जल्द ही यह क्रियाशील हो जाएगी। इस लैब की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां एक ही छत के नीचे मरीजों के लिए 117 प्रकार की विभिन्न जांचें उपलब्ध होंगी। यूरिन कल्चर, थायराइड, विटामिन बी-12, डी-3 जैसी महंगी जांचें भी मरीजों को नाममात्र के शुल्क पर, संभवतः एक रुपये के पर्चे पर, उपलब्ध हो सकेंगी। इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों को निजी पैथोलॉजी लैबों पर होने वाले भारी खर्च से मुक्ति मिलेगी और उन्हें त्वरित जांच रिपोर्ट प्राप्त हो सकेगी। जिला अस्पताल प्रशासन ने इस लैब की शिफ्टिंग का कार्य भी शुरू कर दिया है, जो इसके शीघ्र संचालन का संकेत देता है।
महिला अस्पताल 100 बेड का होगा
इसके अतिरिक्त, जिला महिला अस्पताल को भी 100 बेड का अस्पताल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इस आशय का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों द्वारा अस्पताल का सर्वे और नक्शा तैयार करने का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। हालांकि, इस वर्ष निर्माण के लिए बजट स्वीकृत नहीं हो पाया, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि वर्ष 2026 में इसके निर्माण हेतु आवश्यक बजट स्वीकृत हो जाएगा, जिससे अस्पताल का उन्नयन कार्य भी पूरा हो सकेगा। इस प्रकार, वर्ष 2026 में चित्रकूटधाम मंडल के स्वास्थ्य ढांचे में कई महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलेंगे, जिससे स्थानीय निवासियों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सेवाएं प्राप्त होंगी।