बांदा। साढ़े तीन वर्ष पुरानी मारपीट की घटना में अदालत ने तीन आरोपियों को तीन-तीन साल की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर जेल में कुछ और दिन बिताना होंगे। अलीगंज खूंटी चौराहा निवासी कमलेश देवी पत्नी राजललन ने 12 जनवरी 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पति फौज में हैं और श्रीनगर गए हैं। शाम करीब साढ़े 6 बजे वह घर में अकेली थी। तभी सेढ़ू तलैया निवासी नफीस पुत्र सलीम और सगे भाई तसलीम व जाबिद पुत्रगण लियाकत शराब के नशे में आए और उसके घर का दरवाजा लाठी व पैरों से तोड़ने लगे। घर में घुसकर तीनों ने उसे व उसके पुत्र के साथ मारपीट की।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश के बाद तीनों के विरुद्ध अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन की ओर से अधिवक्ता शाशिभान मिश्रा और सीताराम मिश्रा ने चार गवाह पेश किए। मुख्य न्याय मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने तीनों आरोपियों को धारा 452 में तीन साल की कैद और दो हजार रुपये जुर्माना, धारा 323 व 427 में छह-छह माह की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 504 व 506 में एक-एक साल की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माना और धारा 354 में दो साल की कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।