बांदा। दहेज के लिए पत्नी की पीटकर हत्या के जुर्म
में पति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। 20 हजार रुपये जुर्माना भी किया
गया है। जुर्माना अदा न करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
देहात
कोतवाली क्षेत्र के ब्रह्माडेरा गांव निवासी रामलखन निषाद ने 30 जून 2012
को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी 23 वर्षीय सुनीता की शादी सात मार्च
2007 को चटचटगन गांव निवासी फूलचंद्र पुत्र महावीर के साथ की थी। शादी के
बाद से ही 50 हजार रुपये और भैंस की मांग करके फूलचंद्र सुनीता को
मारता-पीटता था।
30 जून 2012 को सुनीता की बुरी तरह पिटाई करके
हत्या कर दी और फरार हो गया। 30 अगस्त 2012 को आरोपी फूलचंद्र ने अदालत में
सरेंडर कर दिया उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र
दाखिल किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने छह गवाह पेश किए।
सोमवार
को विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र बृजलाल चौरसिया ने इस मुकदमे
का फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने आरोपी फूलचंद्र निषाद को धारा 498 ए, 304 बी
और धारा 302 में दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। 20 हजार रुपये
जुर्माना या चार माह की अतिरिक्त कैद के भी आदेश दिए।