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पड़ोसी के इश्क में पति को मरवा दिया, हत्यारोपी प्रेमी और पत्नी गिरफ्तार

Wed, 28 Jan 2015 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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पड़ोसी के इश्क में पति को मरवाने वाली महिला समेत हत्या को अंजाम देने वाले प्रेमी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। महज 48 घंटे में पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझा लेने का दावा किया है।
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पुलिस के मुताबिक, हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद हो गया है। बिसंडा कस्बे में 24 जनवरी की रात अपने घर सो रहे रामखेलावन यादव (45) पुत्र ललवा की हत्या कर दी गई थी। उसके सिर और जबड़े में धारदार हथियार के गहरे घाव थे।

घटना के समय पति के नजदीक सो रही पत्नी विमला देवी का कहना था कि दो हत्यारों ने उसे दबोच कर आंखें व मुंह बंद कर रखा था। वह चीख नहीं सकी। दो अन्य ने पति की हत्या कर दी। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया लेकिन विमला की कहानी उसके गले नहीं उतर रही थी।
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पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच उगल लिया। बिसंडा थाने के प्रभारी निरीक्षक सुरेशचंद्र मिश्र ने बताया कि विमला के मुताबिक उसका अपने पड़ोसी भीम कुशवाहा पुत्र राम प्रताप कुशवाहा से प्रेम प्रसंग चल रहा था। पति रामखेलावन इसका विरोध करता था। इस पर पत्नी व प्रेमी ने उसे रास्ते से हटाने की ठान ली।

पुलिस के मुताबिक घटना वाली रात विमला ने अपने प्रेमी भीम कुशवाहा को बुला लिया और दरवाजे खोल दिए। भीम ने बांका (धारदार हथियार) से सो रहे रामखेलावन के सिर और जबड़े पर कई बार वार करके उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि पत्नी और प्रेमी दोनों को ही सोमवार को दोपहर गिरफ्तार कर लिया गया।

हत्याभियुक्त भीम कुशवाहा की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया बांका गांव में भुराने बाबा तालाब से बरामद हुआ है। दोनों को जेल भेज दिया गया।

पिता की मौत, मां जेल में, कैसे रहेंगे बच्चे
बांदा। पिता की हत्या में मां जेल चली गई। अब दोनों के तीनों बच्चे घर में रह गए हैं। चाचा और बुआ ही इनका सहारा हैं। मृतक रामखेलावन यादव और विमला देवी के तीन बच्चे हैं। इनमें सबसे बड़ी बेटी रेखा (8), सुलेखा (6) और पुत्र संदीप (4) है।

घटना वाले दिन ये पिता की चारपाई से मात्र 5 फीट दूर सो रही मां विमला देवी के साथ सो रहे थे। तीनों बच्चों की सुबह आंख खुली तो उनकी दुनिया बदल चुकी थी। पिता की मौत और उसके बाद के घटनाक्रम से ये अंजान हैं। मंगलवार को मां के जेल जाने के बाद अब यह घर में अकेले बचे हैं। फिलहाल इनकी परवरिश का जिम्मा मृतक रामखेलावन के भाई बउवा और बहन रानी के कंधों पर आ गया है। 
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