बांदा। ढाई माह पूर्व शहर के नजदीक करिया नाले में
पाए गए अज्ञात युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने इस
मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया है कि युवक अभियुक्तों की
भांजी को परेशान करता था। भांजी ने दिल्ली में उसके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज
कराई थी।
31 अक्तूबर 2015 को शहर कोतवाली क्षेत्र के करिया नाले
में शव मिला था। 18 जनवरी को इसकी शिनाख्त 23 वर्षीय दीपू पुत्र शिव प्रसाद
के रूप में हुई।
वह दिल्ली का रहने वाला था। माता-पिता ने दिल्ली
से आकर शिनाख्त की। सोमवार को एसपी राजेंद्र पांडेय ने मीडिया को बताया कि
दीपू का प्रेम प्रसंग पड़ोस में रहने वाली लड़की से था। लड़की बांदा आई तो
दीपू भी यहां आ गया।
इसी दौरान उसकी हत्या कर शव फेंक दिया गया। इस
मामले में शहर कोतवाली पुलिस ने देवू उर्फ देवीदत्त पुत्र राजाभइया निवासी
खंडेह, हमीरपुर (मौजूदा समय में बांदा शहर की चमरौडी में रह रहा है) और
दूसरे अभियुक्त बबलू कुमार वर्मा पुत्र चुन्नू निवासी कांशीराम कालोनी
(हरदौली, बांदा) को कोतवाली पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी
के मुताबिक दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार लिया। देवू ने बताया कि दीपू उसकी
भांजी को परेशान करता था। बताया कि योजना बनाकर दीपू को बहला-फुसलाकर
कांशीराम कालोनी स्थित बबलू के घर बुलाया।
शराब पिलाने के बाद उसे
करिया नाले में ले जाकर ब्लेड से गला रेतकर और सिर में बोतल मारकर हत्या कर
दी। उसके गुप्तांग को भी काट दिया।
एसपी ने बताया कि मृतक के
विरुद्ध लड़की ने दिल्ली मेें छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गिरफ्तारी
टीम में कोतवाली प्रभारी जयमेजय सचान, एसआई दुर्ग विजय सिंह, अजय कुमार
सिंह और सिपाही सुशील कुमार, राममूर्ति यादव, ब्रजराज, जय प्रकाश भी शामिल
रहे। एसपी ने इन्हें पांच हजार रुपये का ईनाम दिया है।