मवेशियों से भरे तीन ट्रकों ने पुलिस कर्मियों को रौंदने की कोशिश की। सिपाहियों और राहगीर भागकर अपनी जान बचाई। बैरीकेडिंग तोड़कर तीनों ट्रक भाग गए। कुछ दूर पर एक ट्रक के चालक और क्लीनर चलते वाहन से कूदकर भाग गए। इससे ट्रक पलट गया। इसमें लदीं भैंसों में से दो की मौत हो गई, जबकि अन्य दो ट्रक कई किलोमीटर पीछा करने के बाद पुलिस पकड़ पाई।
मंगलवार की रात मवेशियों से भरे तीन ट्रक बांदा की तरफ आ रहे थे। सूचना मिलने पर गुढ़ा कलां (कालिंजर) चौकी प्रभारी निहाल अहमद खां ने कालिंजर मार्ग में डीसीएम को बीच सड़क पर खड़ा कर तीनों ट्रकों को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक किनारे से ट्रकों को तेज रफ्तार निकाल ले गए। वहां तैनात सिपाहियों और लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। पुलिस ने वायरलेस से नरैनी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को जानकारी दी और जीप से सिपाहियों ने पीछा शुरू कर दिया।
वायरलेस से सूचना पर गिरवां पुलिस ने बैरीकेडिंग लगाकर ट्रकों को रोकना चाहा, लेकिन ट्रकों की रफ्तार देख पुलिस कर्मी पीछे हट गए। चालक बैरीकेडिंग तोड़कर ट्रक लेकर भाग निकले। कई पुलिस जीपें पीछे लगने से बड़ोखर बुजुर्ग गांव के पास एक ट्रक का चालक और क्लीनर चलते वाहन से कूदकर भाग गए। इससे ट्रक पलट गया। इसमें 10 पड़वे और नौ भैंसें लदी थीं। इनमें से दो भैंसों की मौत हो गई थी।
दूसरे ट्रक को तिंदवारी में नरैनी क्षेत्राधिकारी अजय कुमार सिंह ने और तीसरे ट्रक को फतेहगंज के पास पुलिस ने पकड़ा। चालक और क्लीनर को हिरासत में ले लिया गया है। दोनों ट्रकों में लगभग 40 मवेशी लदे थे। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि चालकों की करतूत से पुलिस कर्मियों सहित कई जानें जा सकती थीं। इनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।