बिसंडा/अतर्रा। सपा नेता को अपनी बोलेरो देना गांव के
बाशिंदे और मुंबई के कारोबारी को महंगा पड़ गया। बोलेरो या कीमत मांगने पर
सपा नेता ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। बिना किसी अपराध या रिपोर्ट के
पुलिस द्वारा बोलेरो मालिक को पीटकर थाने में बंद कर देने से ग्रामीणों का
गुस्सा फूट पड़ा।
सैकड़ों ग्रामीणों ने थाना घेर लिया। अंतत: पुलिस
को बोलेरो मालिक को छोडना पड़ा। रिहाई के बाद मुख्यालय आए बोलेरो मालिक ने
अपनी चोटों का डाक्टरी परीक्षण कराया। उधर, थानाध्यक्ष का कहना है कि
मामला आपसी और घरेलू है। कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
बिसंडा थाना
क्षेत्र बछौंधा गांव निवासी अबरार सेठ का मुंबई में रेडीमेड का बड़ा
कारोबार है। गांव के ही सपा नेता से उसके काफी नजदीकी संबंध हैं। अबरार सेठ
ने बताया कि लगभग तीन वर्ष पूर्व उसने अपनी बोलेरो सपा नेता को दी थी। अब
तक बोलेरो की कीमत उसे नहीं मिली।
उसने सपा नेता से तगादा किया तो
खिसियाकर सपा नेता ने पुलिस अधिकारियों से उसकी शिकायत कर दी। मंगलवार को
शाम बिसंडा थानाध्यक्ष फोर्स के साथ आए और अबरार को थाने ले गए। आरोप है कि
वहां मारपीट भी की गई। खबर मिलते ही बछौंधा गांव से ट्रैक्टरों पर भरकर
सैकड़ों लोग थाने पहुंच गए।
थाने का घेराव कर लिया। ग्रामीणों का
कहना था कि अबरार के विरुद्ध कोई रिपोर्ट नहीं है। किस आधार पर उसे पकड़ा
गया है। अंतत: ग्रामीणों और मीडिया कर्मियों के पहुंचने पर बुधवार को दिन
में करीब 11 बजे बिसंडा थाना से अबरार सेठ को छोड़ दिया गया।
थानाध्यक्ष
रामफल सिंह यादव का कहना है कि सपा नेता और अबरार के बीच आपसी घरेलू मामला
है। सिर्फ पूछताछ और सुलह की सलाह देने के लिए अबरार को थाने लाया गया था।
उधर, अबरार अपने समर्थकों के साथ बांदा पहुंचा और जिला अस्पताल में अपनी
चोटों का डाक्टरी परीक्षण कराया।