बांदा। फसल के सदमे से दो किसानों की मौत हो गई। बबेरू तहसील के पछौंहा (कमासिन) गांव निवासी दलित किसान फूलचंद्र (45) पुत्र स्वाती की फसल सूखने के सदमे में हार्टअटैक से मौत हो गई। उसके नाम आठ बीघा जमीन है। मां दसिया ने बताया कि खेत में अरहर, चना, मसूर आदि की बुआई की थी।
सिंचाई का कोई साधन नहीं है। शुक्रवार को फूलचंद्र खेत देखने गया था। पूरी फसल सूखी देखकर उसे सदमा पहुंचा। वह घर लौट आया। यहां आते ही सीने में दर्द से हालत बिगड़ गई। उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमासिन ले जाया गया। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
मृतक के दो पुत्री और एक पुत्र है। खेती के सिवा आमदनी का कोई दूसरा जरिया नहीं है। पुलिस ने शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया। एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि सूचना मिलने पर उन्होंने तहसीलदार को जांच के लिए गांव भेजा है। उन्होंने ही शव का पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी थी। जांच के बाद नियमानुसार मदद दिलाई जाएगी।
उधर, सदर तहसील के दुरेड़ी गांव के मजरा बंशी पुरवा निवासी किसान अमरा सिंह (70) पुत्र लाला भाई की हार्ट अटैक से मौत हो गई। सूखे के चलते उसकी 30 बीघा जमीन परती पड़ी है। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक बड़ोखर खुर्द शाखा का 70 हजार रुपये कर्ज है। मृतक के एक पुत्री है और पिता के पास गांव में रहती है।