नरैनी। चिंगारी से भड़की आग ने छह परिवारों को बेघर
कर दिया। मकान और गृहस्थी का सामान समेत 50 हजार रुपये नकद भी जलकर राख हो
गए। उधर, देर तक फायर ब्रिगेड के न आने पर ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर जाम
लगा दिया।
मंगलवार को आधी रात के बाद अतर्रा मार्ग पर भगवानदीन
साहू के घर में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने रमेश साहू, फूलचंद्र साहू,
प्रमोद कुमार, शिव कुमार और जौहरी कुशवाहा के घरों को भी चपेट में ले लिया।
सभी घर एक साथ जलने लगे। चारों तरफ आसपास धुआं भर गया। पड़ोसियों
के शोर मचाने पर बड़ी संख्या में लोग आ गए और आग बुझानी शुरू कर दी, लेकिन
बेकाबू हो चुकी आग फौरी तौर पर नहीं बुझी।
सभी छह घर और उनमेें रखा
सामान जलकर राख हो गया। जौहरी कुशवाहा के 50 हजार रुपये भी जल गए। उसने
बताया कि लड़की की शादी की रस्म के लिए बैंक से ये रुपये निकाले थे।
जयकरन
कुशवाहा ने बताया कि फायर ब्रिगेड और कंट्रोल रूम के नंबर नहीं उठे। इस पर
कोतवाली फोन किया। कोतवाली प्रभारी जयहिंद रावत ने तड़के दो बजे अग्निशमन
इंचार्ज को सूचना दी।
फायर ब्रिगेड सुबह चार बजे आई। तब तक आग से
सब कुछ राख हो चुका था। बाद में प्रभारी तहसीलदार गिरिवर सिंह और नायब
तहसीलदार दिलीप कुमार भी लेखपालों के साथ आए। इस बीच ग्रामीणों का गुस्सा
फूट पड़ा।
ग्रामीणाें ने अतर्रा-नरैनी मुख्य मार्ग पर चारपाई और
अन्य अवरोध लगाकर जाम लगा दिया। कोतवाली पुलिस ने जाम लगाए लोगों को डांट
डपटकर रास्ता साफ कराया।
उधर, फायर ब्रिगेड अधिकारी श्रीपाल ने
बताया कि मरका क्षेत्र के पूरनपरास गांव मेें लगी आग बुझाने गए थे, इसीलिए
यहां आने में देर हुई।
तहसीलदार ने बताया कि पीड़ित परिवारों को
राशन की व्यवस्था कर दी गई है। जिनकी आर्थिक स्थिति ज्यादा खराब है उन्हेें
शासन और प्रशासन से मदद दिलाने की कोशिश की जाएगी।