अदालत ने तीन हत्याभियुक्तों को आजीवन कारावास व जुर्माना की सजा सुनाई। इसी मामले में दूसरे पक्ष को जानलेवा हमले के आरोप में एक अभियुक्त को पांच साल की सजा सुनाई गई। एक अभियुक्त की दौरान मुकदमा मौत हो चुकी है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के बड़ोखर खुर्द गांव निवासी अशोक कुमार उर्फ मंजय पुत्र गुलाबचंद्र ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि 30 सितंबर 2005 को अलीगंज निवासी प्राणशंकर पुत्र रमाशंकर व उसका पुत्र आशीष भट्ट उसके खेत में कब्जा करने लगे। विरोध करने पर आशीष भट्ट ने भाई संजय को अपनी पिस्टल से गोली मार दी। उधर, घटना से आक्रोशित संजय व गुलाबचंद्र ने लाठी-डंडों से आशीष भट्ट को पीटकर घायल कर दिया। कानपुर में इलाज के दौरान आशीष भट्ट की मौत हो गई।
विवेचना के बाद पुलिस ने गुलाबचंद्र और उसके पुत्र मंजय व संजय के खिलाफ धारा 302, 323 आईपीसी के तहत आरोप पत्र दाखिल किया। दूसरे पक्ष में प्राणशंकर के विरुद्ध जानलेवा हमले के तहत धारा 307, 323 व 504 का आरोप पत्र दाखिल किया गया।
अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय संजय सिंह की अदालत में सुनवाई के बाद सोमवार को सुनाए गए फैसले में गुलाबचंद्र, मंजय व संजय को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त कैद होगी।
दूसरे पक्ष के प्राणशंकर को जानलेवा हमले में पांच साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता कैलाशचंद्र चौबे ने पैरवी की। सभी अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया।