बांदा। आर्थिक तंगी और फसल की बुवाई न होने के सदमे
में किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराए बिना
उसका अंतिम संस्कार कर दिया। गांव के लोगों का उस पर कर्ज भी था।
अतर्रा
तहसील के इटर्रा मलौली गांव निवासी श्यामलाल गुप्ता (65) के नाम पट्टे की
तीन बीघा जमीन है। पिछले वर्ष अतिवृष्टि से रबी की फसल नष्ट हो गई थी। इस
वर्ष सूखे के चलते बुवाई नहीं हो पाई।
मंगलवार को श्याम लाल गांव
से यहां बांदा में अपने पुत्र विष्णु के पास आया था। फसल बुवाई न हो पाने
की बात पुत्र से कही थी। रात को दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई।
मृतक की पत्नी मुन्नी गुप्ता ने बताया कि वह गांव में सब्जी बेचकर पेट पालती थी। रिश्तेदारों से लगभग 60 हजार रुपये कर्ज ले रखा था।
गांव
में आज भी उसका परिवार दूसरे के मकान में रहता है। शासन द्वारा चलाई जा
रहीं इंदिरा और लोहिया आवास योजना से उन्हें एक कोठरी भी नहीं मिली।
उधर,
एसडीएम, अतर्रा महेंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें अभी तक घटना की जानकारी
नहीं मिली। अब लेखपाल को भेजकर पारिवारिक स्थिति की जांच कराएंगे।