बांदा। दो किसानों की और जान चली गई। पहली घटना में परती पड़े खेत और कर्ज के तनाव में पड़े दिल के दौरे से किसान की मौत हो गई। दूसरी घटना में सूखी फसल देखकर किसान ने दम तोड़ दिया।
सदर तहसील के चहितारा गांव निवासी किसान राजाराम (70) के नाम 65 बीघा जमीन है। सूखे के चलते पूरी जमीन परती पड़ी है। शुक्रवार को दोपहर राजाराम को दिल का दौरा पड़ गया। उसे जिला अस्पताल लाया गया। यहां कुछ देर में उसकी मौत हो गई।
पुत्र राम प्रकाश ने बताया कि पिता के नाम इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, भवानीपुरवा शाखा से साढ़े तीन लाख रुपये कर्ज है। पिछले साल ट्यूबवेल लगवाने में तीन लाख रुपये खर्च हो गए। बोरिंग फेल होने से इस साल रिबोर कराया तो उसमें भी एक लाख रुपये खर्च हुए। शहर के एक सर्राफा व्यवसायी के यहां एक लाख रुपये में जेवर गिरवी रखना पड़ा। घटना की सूचना तहसील में दी गई है।
उधर, अतर्रा तहसील के पवई गांव निवासी रामा प्रजापति (56) ने अपनी 12 बिस्वा जमीन के साथ 27 बीघा जमीन बंटाई की ले रखी थी। पुत्र कल्लू ने बताया कि गुरुवार को दोपहर खेत मेें सूखी फसल देखकर रो पड़ा। इसी बीच घर आकर उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर में दम तोड़ दिया।
खाद-बीज के लिए गांव के कुछ लोगों से 40 हजार रुपये कर्ज ले रखा था। घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार के आदेश पर लेखपाल कौशल किशोर तिवारी ने गांव पहुंचकर जायजा लिया।