बांदा। हनक और दबंगई में हिस्ट्रीशीटर अपराधी ने खलिहान जा रहे किसान की गोली मार कर हत्या कर दी। मृतक के चचेरे भाई ने हत्याभियुक्त समेत उसके दो पुत्रों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। बिसंडा थाना क्षेत्र के बिलगांव निवासी शिवकरण (35) पुत्र श्रीपाल मंगलवार को रात फसल मड़ाई में लगे मजदूरों के लिए घर से खाना लेकर खलिहान जा रहा था। शराब के नशे में धुत हिस्ट्रीशीटर और उसके दो पुत्रों ने उसे घेर कर रोक लिया और अभद्रता करने लगे। विरोध करने पर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसी बीच हिस्ट्रीशीटर स्वयंवर सिंह ने 315 बोर तमंचे से उसे गोली मार दी। गोली दाईं जांघ में जा लगी।
वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण आ गए। हिस्ट्रीशीटर अपराधी मौके से भाग निकला। घायल को परिजन आनन-फानन जिला अस्पताल लेकर आए। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। उसके नाम 20 बीघा खेती है। मृतक के चचेरे भाई इंद्रजीत सिंह की तहरीर पर हत्यारोपी स्वयंवर सिंह व उसके दोनों पुत्र सत्यदेव और धांधू के विरुद्ध पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। अपर पुलिस अधीक्षक मायाराम वर्मा व पुलिस क्षेत्राधिकारी ओमप्रकाश ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के परिजनों से पूछताछ की। थानाध्यक्ष को हत्याभियुक्तों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। थानाध्यक्ष विवेक प्रताप सिंह ने बताया कि हत्याभियुक्त फिलहाल फरार हैं। जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार किया जाएगा।
पहले भतीजे पर ताना था तमंचा
बांदा। हत्याभियुक्त स्वयंवर सिंह और उसके पुत्रों पर हत्या समेत आधा दर्जन संगीन धाराओं के मुकदमे दर्ज हैं। हत्या से कुछ देर पहले हत्याभियुक्त ने बेवजह मृतक के भतीजे के साथ मारपीट करते हुए तमंचा तान दिया था। ग्रामीणों ने उसे बचाया।
हत्या से कुछ देर पहले खेत जा रहे मृतक के भतीजे अजय के साथ भी शराब के नशे में धुत हिस्ट्रीशीटर अपराधी ने अभद्रता की। हत्यारोपी ने उस पर तमंचा तान दिया। दोनों के बीच मामूली मारपीट तक हुई। ग्रामीणों ने सुलह-समझौता करा कर मामले को शांत कर दिया। अजय फसल मड़ाई कराने खेत चला गया। कुछ देर बाद इसी रास्ते से खलिहान जा रहे किसान शिवकरण के साथ भी वही हरकत की जो भतीजे के साथ की। बतातें हैं कि स्वयंवर सिंह शराब का लती है। आए दिन मारपीट करता है। दबंगई के चलते गांव में कोई उसके विरोध की हिम्मत नहीं जुटा पाता। थानाध्यक्ष विवेक प्रताप सिंह ने बताया कि हत्यारोपी और उसके दो पुत्रों पर थाने में हत्या समेत आधा दर्जन संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पिता-पुत्रों के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खुली है।