बदौसा। युवती ने खुद को जिंदा फूंक लिया। मायके वालों ने ससुराल वालों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। ससुर का कहना है कि युवती ने खुद ही आग लगाई है। बदौसा थाना क्षेत्र के हड़हा गांव निवासी शीलू (30) पत्नी रमाकांत ने शुक्रवार को तड़के घर के कमरे में खुद पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली।
कमरे में सो रहे उसके पुत्र आशू (10) ने दरवाजा खोलकर शोर मचाया। जब तक ग्रामीण आग बुझाने पहुंचे उसकी जलकर मौत हो चुकी थी। मृतका का पति और देवर रायपुर (छत्तीसगढ़) में मजदूरी करते हैं। घर में शीलू अपने पुत्र आशू और छह माह की बेटी गुड़िया के साथ रहती थी।
बड़ी बेटी खुशी (6) ननिहाल में रहती है। मृतका के पिता नौमत उपाध्याय (खुमानपुरवा) ने आरोप लगाया कि सास, ससुर और छोटा देवर उसकी बेटी को प्रताड़ित करते थे। इसी से तंग होकर उसने आत्महत्या कर ली।
उधर, मृतका के ससुर संतोष तिवारी का कहना है कि वे पत्नी और छोटे पुत्र के साथ गांव से तीन किलोमीटर दूर खेत के डेरा में रहता है। मृतका और उसके पति रमाकांत ने कई साल पहले बंटवारा कर लिया था। ये गांव वाले मकान में रहते थे।
आरोप लगाया कि मृतका के पुत्र आशू ने गांव के एक असरदार व्यक्ति को रात को घर आने पर अपने बाबा (संतोष) से शिकायत करने की धमकी दी थी। लोकलाज के डर से उसने आग लगाकर जान दे दी।
मृतका का फोन भी थाने में दिया है, जिससे वह असरदार व्यक्ति से बात किया करती थी। उधर, थानाध्यक्ष घनश्याम पांडेय का कहना है कि मृतका के पुत्र आशू ने उनके सामने कोई बयान नहीं दिया।