बांदा। 33 महीने पहले दुल्हन की डोली पर सवार सरिता
बुधवार को अर्थी में लोगों के कंधे पर थी। तमाम कोशिशों के बाद भी नोएडा के
डाक्टर उसे नहीं बचा सके।
30 वर्ष की युवा उम्र में डेढ़ वर्ष की
मासूम बेटी को अनाथ छोड़कर सरिता पंचतत्व में विलीन हो गई। उधर, मौत की खबर
मिलते ही कालूकुआं स्थित उसके मायके (राजा साहब की कोठी) में शोक जताने
वालों की लाइन लग गई।
हालांकि परिजन अभी नोएडा से नहीं लौटे हैं। सरिता की 18 माह की मासूम बेटी ऋचा फिलहाल दिल्ली में ददिहाल में रहेगी।
सेवानिवृत्त अभियोजन अधिकारी शिवकरन सिंह की तीसरी और सबसे छोटी बेटी डॉ. सरिता सिंह की बुधवार को नोएडा के अस्पताल में मौत हो गई।
पति
पुलिस आफीसर अमित सिंह के सोमवार को नोएडा में सुसाइड कर लेने के बाद
सुहाग उजड़ने से सुधबुध खो बैठी सरिता ने चार मंजिला इमारत से छलांग लगा दी
थी।
अथक कोशिशों के बाद भी डाक्टर उसे नहीं बचा सके। यहां खबर आते ही पूरा परिवार नोएडा कूच कर गया। बुधवार को उसकी मौत की खबर आ गई।
सरिता के चचेरे भाई राजवर्धन ने बताया कि सरिता आखिरी बार अप्रैल में भाई कुलदीप सिंह के तिलक में आई थी। तीन दिन रुकी थी।
रक्षाबंधन
पर भइया दिलीप नोएडा गए तो सरिता ने उनके हाथों सभी के लिए राखी और मिठाई
भेजी थी। पति-पत्नी बेहद मेल-मोहब्बत से रह रहे थे।
पता नहीं किसकी
नजर लग गई? सरिता की बड़ी बहनों में नीलम कानपुर और ममता लखनऊ में रहती
हैं। उधर, सरिता की 18 माह की बेटी ऋचा फिलहाल दिल्ली में अपने ददिहाल में
है।