नेत्रहीन किशोरी से गैंगरेप करने के आरोप में पुलिस ने महिला सहयोगी समेत चार अभियुक्तों को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के बाद जेल भेज दिया। मेडिकल रिपोर्ट में भी किशोरी के साथ गैंगरेप की पुष्टि हुई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र निवासी किशोरी 25 जनवरी को दोपहर महिला छंगी बहला-फुसला कर घर से ले गई और चार लोगों के हवाले कर दिया। चारों लोग उसे अपने पैतृक गांव बंथरी (कमासिन) ले गए और बंधक बनाकर चारों ने उसके दो दिनों तक सामूहिक दुराचार किया।
चारों आरोपी किशोरी को लेकर वापस आए और रिक्शे में बैठा कर उसे घर भेज दिया। किशोरी ने घर पहुंचकर इशारों से घटना की पूरी जानकारी मां और पिता को बताई। पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने महिला सहयोगी छंगी समेत बंथरी गांव निवासी चौधरी, जीतू, बाबूलाल को दबोच लिया। रामधनी फरार हो गया।
रविवार को पुलिस ने चारों आरोपियों को रिमांड मजिस्ट्रेट तबरेज अहमद के समक्ष पेश किया। 14 दिनों के रिमांड अवधि में चारों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया। यहां जिला महिला अस्पताल में किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक किशोरी के मेडिकल रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टि हुई है।
मेडिकल रिपोर्ट की द्वितीय प्रति कोतवाली भेज दी गई है। उधर, कोतवाली प्रभारी केपी सिंह ने बताया कि फरार रामधनी की तलाश में गांव समेत कई रिश्तेदारों के यहां छापा मारा गया। लेकिन वह हाथ नहीं लगा। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।