पैलानी थाना क्षेत्र के अलोना गांव निवासी अशोक सिंह करीब 30 बीघे का काश्तकार है। उसकी शादी चार साल पहले पड़ोसी गांव पथरी निवासी गुलाब सिंह की बेटी अंजू सिंह से हुई थी। इनका तीन साल का बेटा भी है। शनिवार सुबह करीब आठ बजे अशोक सिंह गांव में कहीं गया था। परिवार के अन्य लोग भी घर में नहीं थे। अशोक के मुताबिक इस दौरान उसकी पत्नी अंजू सिंह (26) ने कच्चे मकान का दरवाजा बंद कर लिया। कपड़ों का ढेर लगाकर उस पर मिट्टी का तेल छिड़का और एक साल की बेटी परी को गोद में लेकर आग पर बैठ गई।
घर से धुआं उठता देख आसपास के लोग जुट गए। दरवाजा खोल कर आग बुझाई, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। खेलने जाने की वजह से बेटा बच गया। सूचना पर पहुंचे अंजू के भाई श्याम सिंह ने थाने में तहरीर देकर पति, सास और शादी का रिश्ता तय कराने में मध्यस्थता करने वाले के विरुद्ध दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने पति को हिरासत में ले लिया। थानाध्यक्ष राजीव यादव ने बताया कि तफ्तीश की जा रही है। पति से भी पूछताछ की जा रही है।
ससुरालवालों का कहना है कि अंजू मानसिक रूप से परेशान रहती थी। इसी से उसने ऐसा कदम उठाया। परिजनों ने बताया कि अंजू करीब छह माह की गर्भवती थी। दो दिन पहले ही पति राशन की दुकान से दिया जलाने के लिए मिट्टी का तेल लाया था, जिसे उसने आत्महत्या के लिए इस्तेमाल किया। दूसरी ओर जसपुरा कस्बे में मुकेश सिंह की पत्नी कविता (22) ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसकी शादी करीब साल भर पहले हुई थी। मायके पक्ष ने दहेज के लिए हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।