साढ़े सात लाख के इनामी और यूपी-एमपी का मोस्ट वांटेड दस्यु सरगना बलखड़िया एक बार फिर पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। हालांकि पुलिस जवाबी गोलीबारी के बीच मुठभेड़ का दावा कर रही है।
बदौसा प्रतिनिधि के अनुसार, दस्यु दल को बारिश और घने बादलों का फायदा मिला। देर रात पुलिस खाली हाथ लौट आई। रविवार को दोपहर बाद करीब 3 बजे पुलिस को खबर मिली कि दस्यु बलखड़िया अपने गिरोह के साथ भरतकूप (चित्रकूट) के कोल्हुवां जंगल स्थित कतेरिया पहाड़ में मौजूद है। चित्रकूट पुलिस ने इस दुर्गम स्थल पर घेराबंदी शुरु कर दी।
साथ ही सीमावर्ती बांदा जिले के फतेहगंज आदि थानों को भी सूचना दी। लेकिन बांदा जनपद की पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। दस्यु दल ने पुलिस पर फायरिंग शुरु कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की। ग्रामीण बताते हैं कि लगभग एक घंटे तक दोनों ओर से गोलियां चलती रहीं। कुछ ही घंटों बाद अंधेरा छा गया और इसका फायदा उठा कर दस्यु दल भाग निकला। पुलिस को कारतूस रखने का पट्टा, जूते और कुछ रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान हाथ लगा है।
दस्यु सरगना गिरोह समेत सीमावर्ती मध्य प्रदेश के बरौंधा (सतना) जंगल की ओर भाग निकला। उधर, फतेहगंज थाना प्रभारी प्रेमपाल शुक्ला ने देर शाम बताया कि सूचना मिलने पर वह फोर्स के साथ अपने थाना क्षेत्र अंतर्गत बघोलन तिराहे पर स्थित शहीद स्मारक तक गए थे। लेकिन दस्यु दल की कोई आहट या सुराग नहीं मिला।
उधर, क्षेत्राधिकारी राजेश सिंह का कहना है कि बलखड़िया गिरोह से मुठभेड़ आदि की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। न ही उनके क्षेत्र में दस्यु दल की उपस्थिति की सूचना है।