शहर के तुलसी नगर में शनिवार की रात बच्चे की हत्या कर लाखों की डकैती की जांच में जुटी पुलिस के हाथ फिलहाल कोई क्लू नहीं लगा है। शक के आधार पर आसपास निर्माणाधीन मकानों में काम कर रहे मजदूरों और पड़ोसियों के बारे में पुलिस जानकारियां खंगाल रही है। 40 मजदूरों के नाम, पते नोट कर 13 मजदूरों से पूछताछ की गई है। सोमवार को डकैती के शिकार भोला प्रजापति के मकान और आसपास का पुलिस ने जायजा लिया और लोगों से पूछताछ की।
मोहल्ला तुलसीनगर निवासी भोला प्रजापति के घर शनिवार की रात डकैत उसके एक साल के बच्चे की हत्या और दंपति को घायल कर दो लाख नकद और करीब तीन लाख के जेवर लूट ले गए थे। डकैतों की यातना के शिकार भोला प्रजापति के ससुर जगना की ओर से कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
क्षेत्राधिकारी विनोद सिंह व प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार सिंह के नेतृत्व में चौकी के दरोगा और पुलिस कर्मियों ने सोमवार को घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। भोला प्रजापति के घर के इर्द-गिर्द बन रहे चार मकानों में काम करने वाले लगभग 40 मजदूरों के नाम-पते दर्ज किए।
इनमें 13 मजदूरों से पूछताछ की। घटना वाले दिन तक पड़ोस में मजदूरी कर रहे कुछ मजदूर नदारद हैं। उन पर भी शक की सुई है। उधर, प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि कुछ सुराग मिल गया है। तेजी से तफ्तीश हो रही है। कहा कि घटना में कुछ खानदानियों के शामिल होने की आशंका है।
भाई को कफन में देख रो पड़ी मासूम बहनें
डकैती के दौरान बदमाशों के गर्दन मरोड़ने से मरने वाले भोला का एक वर्षीय इकलौता पुत्र विजय बहादुर के शव का पोस्टमार्टम हुआ। कफन में लिपटे भाई को देखकर चारों बड़ी बहनें फूट-फूटकर रो पड़ीं। मीनू (11), रेनू (8), खुशी (5) व लक्ष्मी (3) अपने नाना जगना व नानी सावित्री से लिपट गईं और मम्मी-पापा को याद करने लगीं। मीनू ने रोते हुए कहा कि भाई को मारने वाले भी मर जाएं। उन्हें देखकर वहां मौजूद परिजन, रिश्तेदार और मोहल्लावासियों की आंखें भी भर आईं।