उतरांव के रैहथू गांव में एक विवाहिता की नौ साल की बेटी के साथ जलकर मौत हो गई। सोमवार दोपहर घर से धुआं उठते देख पड़ोसियों ने देखा तो दौड़े। घर का दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की तोड़कर गांव के लोग अंदर घुसे लेकिन तब तक विवाहिता और उसकी बेटी की मौत हो चुकी थी। जानकारी मिली तो सास-ससुर भी भागकर पहुंचे। एसपी गंगापार ने बताया कि मायकेवाले ससुराल वालों पर जलाकर मारने का आरोप लगा रहे है। तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
रैहथू गांव के हिंसलाल की पहली पत्नी की मौत हो चुकी है। जिससेे एक बेटा रामपूजन है। दूसरी पत्नी चमेला देवी से भी एक बेटा है। रामपूजन दिल्ली में रहकर राजगीर का काम करता है। रामपूजन की शादी दो साल पहले उतरांव के टिकरी गांव निवासी बैजनाथ की बेटी कंचन (23) के साथ हुई थी। रामपूजन और कंचन के एक नौ माह की बेटी गुड़िया भी है। मायके वालों का आरोप है कि कंचन की अपनी सौतेली सास चमेला देवी से पटती नहीं थी। अक्सर दोनों के बीच झगड़ा होता रहता था। दोपहर में हिंसलाल मुकदमे की पैरवी के सिलसिले में हंडिया तहसील चले गए। चमेला देवी खेत में चली गई। घर में कंचन और उसकी नौ माह की बेटी थी।
दोपहर लगभग ढाई बजे हिंसलाल के घर से धुआं उठते देख पड़ोस के लोग अवाक रह गए। देखा कि घर का दरवाजा अंदर से बंद है। शोरगुल मचा तो खेत में मौजूद चमेला देवी भागते हुए पहुंची। अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो गांव के लोग खिड़की तोड़कर अंदर घुसे। कमरे में अंदर कंचन और गुड़िया झुलसी पड़ी थी। दोनों की मौत हो चुकी थी। मां-बेटी के मौत की खबर से गांव में खलबली मच गई। हिंसलाल कुछ देर बाद आ गए। सूचना पर उतरांव पुलिस मौके पर पहुंची। कंचन के मौत की खबर सुनकर पिता बैजनाथ, भाई उमेश कुमार और मां रिश्तेदारों के साथ रैहथू पहुंचे। कंचन के माता-पिता का आरोप था कि ससुराल वाले उनकी बेटी को प्रताड़ित करते थे। जिसके चलते उसने ऐसा कदम उठाया है। एसपी गंगापार दिगबंर कुशवाहा ने बताया कि मायके वालों का आरोप है कि ससुराल वालों ने जलाकर मारा है। तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।