अभियुक्त सिंहराज से जेल में मिलने की जुगत में आए उसके आठ समर्थकों को
पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को उनका धारा 151 में चालान कर दिया।
बाद में यह सभी रिहा कर दिए गए।
उधर एक-दूसरे के जानी-दुश्मन कुख्यात हिस्ट्रीशीटर सिंहराज और अनिल दुजाना को यहां मंडल जेल में भेज दिए जाने से परेशान जेल प्रशासन की चिंता पर डीएम ने भी मुहर लगाते हुए प्रमुख सचिव गृह और कारागार महानिदेशक को पत्र भेजकर इन दो बंदियों में से किसी एक को किसी और जेल भेजने का अनुरोध किया है।
गौतमबुद्ध नगर (ग्रेटर नोएडा) जेल से यहां भेजे गए सिंहराज को लेकर जेल प्रशासन चितिंत है। जेल अधीक्षक ने पुलिस महानिदेशक (कारागार) सहित अन्य अफसरों को पत्र भेजकर कुख्यात सरगना अनिल दुजाना और सिंहराज को एक साथ जेल में रखे जाने से गैंगवार या खूनी संघर्ष की आशंका जताई है।
जेल अधीक्षक ने इस बाबत डीएम सुरेश कुमार और एसपी राकेश शंकर को भी जानकारी दी है। मंगलवार को डीएम ने जेल अधिकारियों के साथ बैठक कर इस मुद्दे पर मंथन किया।
जेल अधीक्षक के पत्र पर सहमति जताते हुए डीएम ने जेल में गैंगवार की आशंका के मद्देनजर प्रमुख सचिव (गृह) और डीजीपी (कारागार) को पत्र लिखकर सरगना सिंहराज या अनिल दुजाना में किसी एक को बांदा जेल से कहीं और स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है।
उधर, सोमवार को शाम नोएडा और दिल्ली समेत कई शहरों से यहंा आए सिंहराज के आठ समर्थकों पुलिस ने रोडवेज बस अड्डे के पास गिरफ्तार कर लिया। रात में ही इन सभी का जिला अस्पताल में मेडिकल कराकर पुलिस ने धारा 151 आईपीसी में चालान कर दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ला ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में अनिल कसाना (महमूदपुर, गाजियाबाद), विकास कुमार (सीलमपुर, दिल्ली), अंकुल (पहुलीचांदपुर, बिजनौर), नवाब सिंह (ओखला, दिल्ली), उमेश (ग्रेटर नोएडा), रविंद्र कुमार (रामपुर, ग्रेटर नोएडा), सत्यवीर सिंह (निजामपुर, बुलंदशहर), रोहित कुमार (लौदपुर, ग्रेटर नोएडा) शामिल हैं। एएसपी ने बताया कि इन सभी पर कोई अन्य आपराधिक मामला नहीं पाया गया इसलिए उन्हें मुचलके पर रिहा कर दिया गया।