कई गुना धन लौटाने के नाम करोड़ों की ठगी करने वाली संस्था के आरोपी 11 संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। करीब दो दर्जन से अधिक एजेंटों ने अपनी रकम का ब्योरा दिया है। खागा कोतवाली के गढ़ीवा निवासी रावेंद्र सिंह ने एजीएम कोर्ट के आदेश पर हमारा मिशन संचालक राजेश मौर्या,
बृजेश मौर्या, मंगल मौर्या, पूजा मौर्या रूपचंद्र, रोहित, राकेश, शत्रुघ्न, अरुण मौर्या, रामचंद्र उर्फ लाखा, छत्रपाल के खिलाफ रविवार शाम एफआईआर दर्ज की गई है। रावेंद्र सिंह का आरोप है कि हमारा मिशन ग्रुप ऑफ कंपनीज एवं ऋषि आयुर्वेदिक प्रोडक्ट बेरोजगारों को नौकरी देने का पंपलेट छपवाया था।
जिसे देखकर खजुरिहापुर गांव गए थे। वहां तीस हजार जमा कर संचालकों ने 11 महीने तक दस हजार रुपये देने का प्रलोभन दिया। जो व्यक्ति दस लोगों के खाते संचालित कराएगा उसे एक बाइक भी देने का वादा किया। संस्था संचालकों समेत 18 फरवरी को गांव से गायब हो गई। जिसमें निवेशकों का तीन
करोड़ 12 लाख 98 हजार रुपये निवेशकों के रहे हैं। एफआईआर में निवेशक करन सिंह, लक्ष्मीशंकर मौया, राजेश कुमार मौर्या, राममनोहर, सर्वेश मौर्या, अशोक मौर्य, मनोज मौर्या, सरोहन लाल, जगन्नाथ सिंह, वीरेंद्र कुमार, अनिल कुमार, माया देवी, राजेश, शिवजनम, राहुल मौर्या, राजेंद्र सिंह, अनिल
कुमार, मेवालाल, रामरती देवी, सुमन देवी, रामसुचित, महेश प्रसाद, विनोद कुमार, जयश्री, रामनरेश मौर्या, अजय कुमार मौर्या, जगदीश कुमार, कृष्ण कुमार, संदीप कुमार केशरवानी, रविशंकर, राधा देवी, मनोज कुमार, अशोक कुमार, कृष्ण कुमार, मेवालाल, अरुण कुमार सिंह, महेश कुमार, कमल कुमार,
महेंद्र कुमार, दीपू सिंह, रविराजन, हर्ष गुप्ता, लेखराम, भरत मौर्या, मदन सिंह, पहाड़ी समेत कई निवेशकों ने तीन करोड़ 12 लाख 98 हजार रुपये का ब्योरा दिया है। एसओ महेश पांडेय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।