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7.96 लाख के नकली नोटों के साथ एक पकड़ा गया

Sun, 10 Dec 2017 10:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बांदा
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नकली करेंसी के साथ पकड़ा गया आरोपी घनश्याम गुप्ता। - फोटो : अमर उजाला
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बांदा। जाली नोट गैंग का सक्रिय सदस्य एक बार फिर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसके पास से दो-दो हजार के लगभग 398 नकली नोट (7 लाख 96 हजार) बरामद हुए। आरोपी ने बताया है कि नकली नोट वह पश्चिम बंगाल से मात्र साढ़े तीन लाख रुपये में लाया था। पुलिस के मुताबिक पूर्व में भी यह आरोपी नकली नोट मामले में जेल जा चुका है। इस पर नकली करेंसी समेत विभिन्न अपराधों के एक दर्जन केस दर्ज हैं। रविवार को पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक शालिनी ने मीडिया को बताया कि अतर्रा थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान रविवार को सुबह बांदा रोड पर अनथुवा गांव मोड़ के पास अतर्रा कस्बा निवासी घनश्याम गुप्ता को गिरफ्तार किया। उसके पास से 2-2 हजार के 398 नकली नोट बरामद हुए। पुलिस ने नकली नोट समेत आरोपी की बाइक और मोबाइल फोन तथा 1270 रुपये की असली नगदी बरामद की। पुलिस के मुताबिक नकली नोट खपाने वह बांदा आ रहा था। एसपी ने बताया कि आरोपी ने खुलासा किया है कि वह पश्चिम बंगाल से 40 हजार रुपये प्रति लाख की नकली करेंसी खरीद कर लाता है। इन्हें बांदा, चित्रकूट, महोबा व हमीरपुर में 60 हजार रुपये प्रति लाख की दर से बेचता है। एसपी ने बताया कि गिरोह के बारे में और जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
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अतर्रा थानाध्यक्ष दुर्गविजय सिंह ने बताया कि घनश्याम नकली नोट गिरोह का सक्रिय सदस्य है। वह लगभग दो सालों से नकली नोट लाने और खपाने का काम कर रहा है। पूर्व में भी वह नकली नोट मामले में कई बार जेल जा चुका है। वर्ष 2014 में बांदा नगर कोतवाली मेें, वर्ष 2015 में बिसंडा थाने में और 2016 में नरैनी कोतवाली में जाली नोट के केस दर्ज हैं। पुलिस ने घनश्याम को धारा 489 ख व ग आईपीसी (कूटरचित करेंसी नोटों या बैंक नोटों को असली के रूप में उपयोग में लाना) की रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया। इस धारा में 10 वर्ष से लेकर उम्रकैद तक की सजा और जुर्माना हो सकता है।


अंतर्राज्यीय गिरोह है, शासन को बताएंगे
बांदा (ब्यूरो)। पुलिस अधीक्षक शालिनी ने बताया कि नकली नोट कारोबार का मामला अंतर्राज्यीय है। इसके तार यूपी के अलावा दूसरे राज्यों से भी जुडे़ हैं। पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस उच्चाधिकारियों के जरिये शासन को अवगत कराया जाएगा। नई करेंसी वाले नकली नोट खपाने वाले गैंग को पकड़ाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।
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नोटबंदी में जमा हुए साढ़े 3 लाख के नकली नोट
बांदा (ब्यूरो)। पुलिस अधीक्षक शालिनी ने बताया कि पिछले वर्ष नोटबंदी (8 नवंबर से 31 दिसंबर) के दौरान जनपद के विभिन्न बैंकों में एक-एक हजार वाले लगभग साढ़े 3 लाख रुपये के नकली नोट जमा कराए गए। बैंकों ने नकली नोटों की संख्या व अन्य डिटेल संबंधी सूची तैयार कर पुलिस को उपलब्ध कराई है। रिपोर्ट दर्ज करके नकली नोट जमा करने वालों की जांच की जाएगी। बैंक के सीसीटीवी और जमा संबंधी अभिलेखों का सहारा लिया जाएगा। बताया कि नोटबंदी के दौरान बैंकों में भीड़भाड़ के चलते शातिर नकली नोट खपाने में कामयाब हो गए। यह भी कहा कि बड़ी तादाद में नकली नोट बैंक में जमा होना कर्मियों की लापरवाही का नतीजा है। एसपी ने नकली नोट जमा करने वाले बैंकों के नाम नहीं बताए।
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