बांदा। शहर कोतवाली क्षेत्र के तिंदवारा गांव में
बीडीसी प्रत्याशी के साढ़े तीन वर्षीय भतीजे को गायब कर हत्या के मामले में
तीसरे दिन भी पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच पाई। पुलिस के शक की सुई
परिजनों और खानदानियों पर ही टिक रही है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक घटनास्थल
पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के पिता से बात की।
तिंदवारा गांव के
शिरोमणि का पुरवा निवासी व क्षेत्र पंचायत सदस्य वार्ड-पांच के प्रत्याशी
ममदेश सिंह राजपूत के साढ़े तीन वर्षीय भतीजे भरत राजपूत को किन्हीं लोगों
ने शुक्रवार की दोपहर घर के नजदीक से गायब कर दिया था। अगले दिन शुक्रवार
को उसका शव उसके ही चाचा के धान के खेत में दफन मिला।
घटना से उत्तेजित
राजपूत बिरादरी के मतदाताओं ने पंचायत चुनाव में वोट नहीं डाले। मृतक के
पिता लवकुश राजपूत की तहरीर पर शहर कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ
हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक आरपी पांडेय भी
गांव आए और मृतक के पिता से बातचीत की।
कोतवाली प्रभारी एके सिंह
ने मृतक के परिजनों से अलग-अलग पूछताछ की। पूरी घटना का ब्योरा पूछा।
उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की
पुष्टि हुई है। उधर, कोतवाली प्रभारी ने सफाई दी कि मृतक के पिता ने बालक
के गुम होते ही पुलिस को कोई सूचना नहीं दी।
शुक्रवार को शव मिलने
के चार घंटे बाद खबर दी, जबकि पिता का कहना है कि उसने पुत्र के गायब होते
ही अलीगंज चौकी और कोतवाली पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने चुनाव में
व्यस्तता बताकर टाल दिया था। उधर, शनिवार को बालक के शव का पोस्टमार्टम
हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की बात कही गई है।