बांदा शहर से रात को गुजरते बालू भरे ट्रकों की कतार।
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बांदा/बदौसा। बागै नदी की लमेहटा खदान एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठी। आसपास के इलाकों और गांवों में दहशत फैल गई। यूपी-100 मौके पर पहुंच गई और दोनों पक्षों को थाने आई। बालू ठेकेदार ने भाड़े पर खनन करने वाली जेसीबी के मालिक और उसके निजी असलहाधारी सुरक्षा कर्मी के विरुद्ध तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। खदान चालू होने के बाद फायरिंग की यह दूसरी घटना है। जून माह में ग्रामीणों और खदान वालों के बीच गोलीबारी हुई थी। शनिवार की रात बदौसा थाना क्षेत्र अंतर्गत लमेहटा गांव के पास चल रही बालू खदान में कई राउंड गोलियां गूंजीं। पता चला कि जेसीबी मशीन के मालिक और खदान ठेकेदार के बीच यह हवाई गोलीबारी हुई। कोई हताहत नहीं हुआ। यूपी-100 मौके पर पहुंची और ठेकेदार तथा जेसीबी मालिक को थाने ले आई। सूत्रों के मुताबिक खदान ठेकेदार पक्ष के मनोज द्विवेदी ने जेसीबी मालिक रामजस यादव से खदान में मशीन ले जाकर खनन करने को कहा। लेकिन मशीन मालिक ने यह कहकर इनकार कर दिया कि रात में एसडीएम छापा मार कर सकते हैं इसलिए वह सिर्फ अपनी मशीन लेकर खदान नहीं जाएगा। ठेकेदार भी अपनी जेसीबी भिजवाए। बताते हैं कि इसको लेकर ठेकेदार और मशीन मालिक में विवाद हो गया। झड़प के बाद ठेकेदार और मशीन मालिक के असलधारी निजी सुरक्षा कर्मियों के बीच कई राउंड हवाई फायरिंग हुई। इसी बीच यूपी-100 पुलिस पहुंच गई।
उधर, खदान ठेकेदार फूल मिश्रा ने बताया कि रामजस जबरिया बालू भरने पर आमादा था। उसने खदान के मुनीम से बदसुलूकी की और 5400 रुपये छीन लिए। खदान ठेकेदार ने फायरिंग की बात से इनकार किया। उधर, थानाध्यक्ष रामकेवल पटेल ने बताया कि झगड़ा बिना रवन्ना के बालू भरने को लेकर हुआ। कुछ लोग शराब के नशे में थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि फायरिंग की जानकारी मिली है। रविवार को देर शाम बताया कि खदान के मनोज द्विवेदी ने जेसीबी मालिक रामजस पुत्र विजय (दोहा, देहात कोतवाली) और उसके निजी सुरक्षा कर्मी राजेंद्र पुत्र लल्ला सिंह (हस्तम, बिसंडा) के विरुद्ध तहरीर दी है। पुलिस जांच कर रही है। गौरतलब है कि इसके पूर्व भी 25 जून को इस खदान में ग्रामीणों और खदान संचालकों के बीच हवाई फायरिंग हुई थी। पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला रफादफा कर दिया था।
बालू के ट्रकों से राहगीरों की जान जोखिम में
बांदा। ओवरलोडिंग और अवैध खनन पर एक हफ्ते पूर्व बुंदेलखंड में सख्त चेतावनी दे गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कोई असर नजर नहीं आ रहा। रात गहराते ही मंडल मुख्यालय के कई इलाके और सड़कों से गुजरना जान से खेलना बन जाता है। नरैनी, बदौसा आदि की ओर से बालू के अंडर और ओवरलोड सैकड़ों ट्रकों की धमाचौकड़ी से शहर के अतर्रा चुंगी चौकी से लेकर पुराना ओवरब्रिज होते हुए कालू कुआं और मंडी समिति तक अन्य वाहनों और राहगीरों का निकलना दूभर हो जाता है। पुलिस चौकियों के सामने से यह बेधड़क गुजर रहे हैं। कुछ ट्रक ओवरलोडिंग को छिपाने के लिए तिरपाल चढ़ाए रहते हैं। खुलेआम भी गुजर रहे हैं। उधर, प्रशासन चालान और कार्रवाई के आंकड़े परोस रहा है।