तमंचे से गोली मारकर युवक की हत्या में दोषी पाए गए दो सगे भाइयों को अदालत ने सश्रम उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। जमानत पर चल रहे दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के अमलीकौर का मजरा महोबा डेरा निवासी शिवखिलावन सिंह पुत्र बरजोर सिंह ने 3 अक्तूबर 2014 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने पुत्र संजय सिंह के साथ दशहरा मिलने शिवमोहन सिंह के घर गया था। तभी शिवमोहन के दरवाजे पर रात करीब आठ बजे गांव के रामचरित सिंह पुत्र सुखलाल सिंह ने संजय को पीछे से दबोच लिया। रामचरित के भाई भोला सिंह ने तमंचा से गोली मार दी। संजय की मौके पर मौत हो गई। हत्याभियुक्त तमंचा लहराते हुए भाग निकले।
पुलिस ने विवेचना के दौरान रामचरित सिंह का नाम आरोप पत्र से अलग कर दिया और भोला सिंह के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मृतक के पिता व भाई के बयान के बाद अदालत ने धारा 319 सीआरपीसी के तहत रामचरित को मुल्जिम बनाते हुए तलब कर लिया। सहायक शासकीय अधिवक्ता कैलाश चौबे ने अभियोजन पक्ष की ओर से 9 गवाह अदालत में पेश किए।
शुक्रवार को प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश जय शंकर मिश्रा ने रामचरित व उसके भाई भोला सिंह को दोषी मानते हुए धारा 302 में कठोर आजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। धारा 506 में दो-दो वर्ष की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया। भोला सिंह को शस्त्र अधिनियम की धारा 3/25 का दोषी मानते हुए दो वर्ष की कारावास व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों आरोपियों को जेल भज दिया गया।