बांदा। पेड़ की डाल काटने के विवाद में सगे भाई को मौत के घाट उतार देने के जुर्म में मृतक के बड़े भाई और उसके दो पुत्रों तथा एक पुत्रवधू को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन सभी पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी हुआ है। पुत्र वधू जेल में है।
बदौसा थाना क्षेत्र के शाहपुर सानी गांव की शांति प्रजापति पत्नी रघुवर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 जून 2013 को दिन में दो बजे उसके जेठ सनेहिया पुत्र रामराज और उसके पुत्र कमलेश व शिव कुमार पुत्रगण सनेहिया तथा पुत्रवधू माया देवी पत्नी कमलेश उसके घर के पास आम के पेड़ की डाल काटकर फल तोड़ने लगे।
इस पर शांति के पति रघुवर और जेठ भुरवा और पुत्रवधू कुसमा ने एतराज किया तो चारों लोग झगड़े पर आमादा हो गए। और लाठी, डंडे, बरछी से रघुवर और कुसमा पर हमला कर दिया। रघुवर और भुरवा लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। रघुवर के सीने में माया देवी बरछी मार दी। रघुवर की वहीं मौत हो गई।
पुलिस ने चारों के खिलाफ हत्या और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर ली। तफ्तीश के बाद चारों के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता मिस्कीन अली ने 10 गवाह पेश किए। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय संजय सिंह ने इस केस का फैसला सुनाते हुए अपने 30 पृष्ठीय आदेश में चारों अभियुक्तों सनेहिया पुत्र रामसनेही और उसके दोनों पुत्रों कमलेश व शिव कुमार तथा पुत्रवधू माया देवी को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी।
जुर्माना अदा न करने पर दो-दो माह की कैद और होगी। धारा 323 में एक-एक वर्ष की कैद और एक-एक हजार जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद होगी। धारा 325 में 5-5 वर्ष की कैद और दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक माह जेल में और बिताना होगा। सभी सजाएं एक साथ चलेेंगी। जुर्माने की आधी रकम मृतक की पत्नी को दी जाएगी।