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पीएसी जवान की बेटी के अपहरण में सात वर्ष की कैद

Wed, 18 May 2016 12:34 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
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जेल में होगी पढ़ाई
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पीएसी जवान की 11वीं में पढ़ने वाली नाबालिग बेटी को अपहृत कर ले जाने के जुर्म में अदालत ने छह वर्षों बाद आरोपी को सात वर्ष की कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। जुर्माना न अदा करने पर चार माह जेल में और बिताने होंगे। जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को मिलेगी। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है।
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झांसी में तैनात पीएसी जवान ने 9 मार्च 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका परिवार बांदा में रहता है। पत्नी और एक छोटी पुत्री होली का पकवान बनाने उसके बड़े भाई के घर गई थीं। घर में उसकी बड़ी बेटी थी। रात करीब डेढ़ बजे जब उसकी पत्नी और छोटी पुत्री घर आईं तो उसकी 16 वर्षीय पुत्री घर से गायब थी।

घर में रखे छह तोले की सोने की चूड़ियां और 20,700 रुपये भी गायब थे। घर में मोबाइल फोन छोड़ गई। फोन में अर्जुन का नाम मिला। उसके सहित छह लोगों के विरुद्ध धारा 363 व 366 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने विवेचना में दो आरोपियों के नाम हटा दिए।
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तब पुलिस ने जवान की बेटी को बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। विवेचना के बाद चार आरोपियों के विरुद्ध अदालत मेें आरोप पत्र दाखिल किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता मिस्कीन अली ने नौ गवाह पेश किए। बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय प्रथम शाम कुमार ने इस मामले का फैसला सुनाया।

न्यायाधीश ने अभियुक्त अर्जुन पुत्र फूलचंद्र (निवासी ग्राम रेह, फतेहपुर) को धारा 363 में दोषी पाते हुए सजा सुनाई। अन्य आरोपी राम कुमार पुत्र फूलचंद्र और फूलचंद्र पुत्र सौनिया और जितेंद्र पुत्र मंगली (सभी निवासी रेह, फतेहपुर) को धारा 363, 366, 376 (2)(जी), 368 व 120बी के आरोपों से बरी कर दिया। अभियुक्त जितेंद्र की पैरवी अधिवक्ता शिवनायक सिंह गौतम ने की।
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