सरैंया(चित्रकूट)।
अपहरण के बाद युवक की हत्या मामले में पुलिस ने नामजद दो अन्य आरोपियों को भी जेल में डाल दिया है। पुलिस ने बताया कि गांव की एक युवती से अक्सर बातचीत करने के कारण संजीव से हत्यारोपी चिढ़ते थे। इसे लेकर कई बार उसे मना भी किया लेकिन दोनों के बीच बातचीत खत्म नहीं हुई।
इस पर हत्यारोपी गांव के बृजेंद्र ने उसे साथियों के साथ मिलकर मार डाला। इसके बाद शव छिपाने तक में कुल छह लोग शामिल थे। अब तीन अन्य की भी शिनाख्त हुई है।
18 मई को मानिकपुर थानाक्षेत्र के सरैंया निवासी संजीव केशरवानी पुत्र तीरथ प्रसाद का गांव के ही उसके दोस्त बृजेंद्र ने कौशांबी निवासी दो दोस्तों के साथ अपहरण कर लिया था। उसी रात बृजेंद्र के ही घर में उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद छह लोगों ने मिलकर शव को बोरे में भरकर लगभग 300 मीटर दूर एक कुएं में फेंक दिया।
हत्या को छिपाने व जांच को भ्रमित करने के लिए इन आरोपियों ने संजीव के मोबाइल से 23 मई को फोन कर उसके घर फिरौती मांगी। एक पत्र भेजकर 20 लाख रुपये की मांग भी की। इसके बाद सक्रिय पुलिस ने 26 मई को गांव के एक कुएं से संजीव का शव बरामद कर लिया।
इसमें बृजेंद्र समेत कटरी पश्चिम सरीरा जिला कौशांबी निवासी मुन्ना उर्फ ओमप्रकाश और खखरवार रैपुरा निवासी छोेटे उर्फ नीरज यादव को नामजद किया गया। मौके से मुख्य आरोपी बृजेंद्र उर्फ वीरेंद्र को पुलिस पकड़ चुकी थी।
अन्य दो को बुधवार को पकड़कर गुरुवार की दोपहर को जेल भेज दिया है। मानिकपुर थानाध्यक्ष के.पी दुबे ने बताया कि गांव की एक युवती से संजीव बातचीत करता था। इसे लेकर उसका बृजेंद्र उसे मना करता था लेकिन दोनों के बीच बोलचाल बंद नहीं हुई। इसी खुन्नस में योजना बनाकर उसका अपहरण कर हत्या कर दी गई।
संजीव का गला पहले बृजेंद्र ने ही दबाया। उसकी मौत के बाद सभी परेशान हो गए कि इसे कहां फेंका जाए। इस काम में बृजेंद्र के दो भाई व एक अन्य ने मदद कर शव कुएं तक पहुंचाया। कहा, पूरे कांड का खुलासा हो गया है अब बाकी तीन को भी जल्द पकड़ा जाएगा।