केन नदी में मशीनों से हो रहा खनन।
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बालू का अवैध खनन, निकासी तथा गुंडा टैक्स वसूली पर लगाम नहीं लगी। प्रशासन और अफसरों की लगाम चुनाव आयोग के हाथों में आ जाने के बाद भी बालू का अवैध कारोबार बदस्तूर जारी है। सांसद ने मुख्य चुनाव अधिकारी और जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कहा कि बांदा जनपद में लगभग 5000 ट्रक प्रतिदिन अवैध रूप से बालू की निकासी हो रही है। इसमें 6000 रुपये प्रति ट्रक की दर से लगभग तीन करोड़ रुपये रोजाना गुंडा टैक्स वसूला जा रहा है।
बांदा जनपद की लगभग सभी बालू खदानों में हाईकोर्ट की रोक के चलते कई महीनों से खनन बंद है। लेकिन जिले की सरहद से जुड़े मध्य प्रदेश की खदानों में रात-दिन खनन का काम चल रहा है। यहां खनन मेें जेसीबी और पोकलैंड जैसी मशीनों का भी इस्तेमाल हो रहा है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने मशीनों पर रोक लगा रखी है।
मध्य प्रदेश की खदानों से निकाली जा रही बालू के ट्रक बांदा जनपद के नरैनी और गिरवां क्षेत्रों से गुजर कर बांदा शहर होते हुए प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जा रहे हैं। रोजाना रात गहराते ही ट्रकों की धमाचौकड़ी से बांदा शहर की सड़कों में ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह चौपट हो जाती है। ओवरलोड ट्रकों से सड़कें भी ध्वस्त हो रही हैं।
माना जा रहा था कि आचार संहिता लागू होेने के बाद अवैध खनन के लिए अफसरों पर पड़ने वाले दबाव पर रोक लगेगी है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस पर अब बांदा-चित्रकूट के सांसद भैरौं प्रसाद मिश्र ने मुख्य चुनाव आयुक्त और जिलाधिकारी को पत्र भेजकर शिकायत की है कि उनके संसदीय क्षेत्र के नरैनी, गिरवां, करतल, कालिंजर आदि क्षेत्रों से रोजाना तीन से पांच हजार ट्रक अवैध बालू लेकर निकल रहे हैं।
खुद देखकर जिलाधिकारी को फोन पर बताया भी था। सांसद ने कहा है कि फर्जी रवन्ने से भी मध्य प्रदेश से बालू लाई जा रही है। इसमें प्रति ट्रक 6000 रुपये गुंडा टैक्स की भी वसूली हो रही है। इस पर रोक लगाई जाए।